खैर निवासी डा. राहुल शर्मा आदि ने उटवारा गांव में चालीस बीघा भूमि का बैनामा कराया था। आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में नाम अंकित होने के बाद एसडीएम कोर्ट ने शिकायत पर जांच के बाद दाखिल खारिज के आदेश को को गलत व विधि विरूद्व मानते निरस्त कर दिया और उस भूमि को चरागाह में दर्ज कर दिया था।
खैर में स्थित एक भूमि को लेकर चल रहे वाद में अपर जिला जज ने एसडीएम, तहसीलदार व लेखपाल को नोटिस भेजकर 16 मार्च को तलब किया है। साथ ही लोक अधिकारी सेवक के वेतन की कुर्की करते हुए सिविल कारागार के सुपुर्द किए जाने की चेतावनी भी दी है।
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बता दें कि खैर निवासी डा. राहुल शर्मा ( वर्तमान में अलीगढ़ में डिप्टी सीएमओ के पद पर कार्यरत) आदि ने उटवारा गांव में चालीस बीघा भूमि का बैनामा कराया था। आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में नाम अंकित होने के बाद एसडीएम कोर्ट ने शिकायत पर जांच के बाद दाखिल खारिज के आदेश को को गलत व विधि विरूद्व मानते निरस्त कर दिया और उस भूमि को चरागाह में दर्ज कर दिया था।
पीडित पक्ष ने आदेश के खिलाफ न्यायालय अपर आयुक्त न्यायिक, अलीगढ व अपर जिला के यहां चाराजोरी की थी। सुनवाई के बाद अपर आयुक्त अलीगढ कोर्ट ने एसडीएम के आदेश को विधिसम्मत न मानते हुए निरस्त कर दिया था। वहीं अपर जिला जज कोर्ट ने भी पूर्व पारित डिक्री आदेश 29 मार्च 2013 के आधार पर डा. राहुल शर्मा आदि को डिक्रीदार माना था।
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मामले में एसडीएम खैर द्वारा कोर्ट के डिक्री के आदेश की अवहेलना करते हुए पीडित पक्ष को नकल उपलब्ध नही कराई गई और ना ही राजस्व विभाग की ओर से कोई कोर्ट में पेश हुआ। तीन नोटिस के बाद भी कोर्ट में आख्या प्रस्तुत न करने तथा लगातार कोर्ट के आदेश की अवहेलना किए जाने पर सख्त रूख अपनाते हुए अपर जिला जज ने एसडीएम, तहसीलदार व लेखपाल धीरेन्द्र शर्मा को अन्तिम नोटिस भेजकर 16 मार्च को स्वंय कोर्ट में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के आदेश दिये। कोर्ट द्वारा पारित डिक्री की अवहेलना पर क्यों न वेतन कुर्क करने तथा सिविल कारागार भेजे जाने की चेतावनी दी है। मामले में एसडीएम खैर दिग्विजय सिंह ने कोर्ट से प्राप्त नोटिस के क्रम में नियमानुसार अपना पक्ष रखने की बात कही है।