बीच सड़क पर कार खड़ी कर दंपती से लूट की घटना हुई, लेकिन पुलिस ने लूट के बजाय घटना को धोखाधड़ी होने की धारा में दर्ज किया। पीड़ित के अनुसार उनकी तहरीर पुलिस कर्मियों ने घटना बदलवाकर लिखवाई।
तहरीर में लिखवाया कि कार सवार चार लोगों ने रास्ते में रोका। पर्स की तलाशी लेकर पर्स वापस कर दिया और चले गए। इसके बाद घर जाकर उन्होंने पर्स देखा तो पर्स से रुपये और आभूषण गायब थे। योगेश कश्यप के अनुसार उन्होंने इस बात का विरोध करते हुए घटना लूट की बताई लेकिन पुलिस कर्मियों ने कहा कि तुम तहरीर के चक्कर में न पड़ो। एक बार बदमाश पकड़ में आ जाने दो। तुम्हारे रुपये और आभूषण मिल जाएंगे। पीड़ित परिवार ने लूट की घटना को धोखाधड़ी में दर्ज किए जाने पर हैरानी जताते हुए एसएसपी से मिलकर शिकायत करने की बात कही है।