कोरोना वायरस को लेकर 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के चलते अलीगढ़ के एक घर में एक दिन पहले ही बरात पहुंच गई। बरात 22 मार्च को गांव बारौठ से बुलंदशहर के गुलावठी के पास स्थित गांव सोनपुर में जानी थी, लेकिन आज सबकुछ बंद होने के कारण उन्हें पहले ही लडकी वालों के गांव पहुंचना पड़ा।
उन्होंने बताया कि बरातियों की संख्या में भी कटौती की गई है। बारौठ के मरहूम छोटे खान के बेटे इसराइल की बरात 22 मार्च को दोपहर एक बजे गांव सोनपुर में शाहिद खान के घर पर जानी थी, लेकिन रविवार को जनता कर्फ्यू के चलते शादी की तैयारियों पर पानी फिरने लगा।
तब लड़का पक्ष की तरफ से बरात की तारीख आगे बढ़ाने की बात कही गई, लेकिन लड़की पक्ष की तरफ से शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। रिश्तेदार आ चुके थे। खाने-पीने, टेंट आदि के ऑर्डर दिए जा चुके थे। लड़की के पिता शाहिद खान ने 22 की बजाय 21 मार्च को आने की गुजारिश की।
उन्होंने कहा कि दो-चार लोगों की मौजूदगी में निकाह हो जाएगा। इस बात पर दूल्हे के भाई रियाजुद्दीन तैयार हो गए। शनिवार दोपहर दो बजे बरात रवाना हो गई। रियाजुद्दीन ने बताया कि बरात में 100 की बजाय 20 लोग गए हैं। वहीं, सोमवार को दावत-ए-वलीमा में भी कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लोगों की तादाद कम रखने का इरादा है।
प्रिंस ब्रिक्स के मोहम्मद सुहैब ने बताया कि कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण रियाजुद्दीन से कम से कम बराती ले जाने को कहा था। जनता कर्फ्यू को समर्थन देने के लिए प्रोफेसर शगुफ्ता व अलीम खान ने अपने बेटे अजीम-सिदरा का दावत-ए-वलीमा भी रद्द कर दिया है। यह दावत-ए-वलीमा 22 मार्च को हबीब गार्डन में शाम सात बजे से था।