कोरोना वायरस का कहर जारी है। जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान 42 साल की महिला की मौत हो गई। जबकि 175 लोग आज संक्त्रस्मित हुए हैं। जनपद में अब संक्त्रस्मितों की संया बढ़कर 6854 तक पहुंच गई है। 147 लोग स्वस्थ हुए हैं। जनपद में वर्तमान में 1738 संक्रमित मरीज है।
जेएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती आदर्श नगर एडीए कॉलोनी सासनी गेट की 42 वर्षीय महिला की दोपहर में मौत हो गई। उसका अंतिम संस्कार प्रोटोकॉल के तहत कर दिया गया है। महिला 13 सितंबर को जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुई थी। जेएन मेडिकल कॉलेज, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय, प्राइवेट लैब एवं एंटीजन टेस्ट में मंगलवार को 175 लोग संक्त्रस्मित पाए गए हैं। शहर के प्रयात बाल रोग विशेषज्ञ भी संक्त्रस्मितों में शामिल हैं।
संक्रमितों में राम विहार कॉलोनी पला रोड के 8, नगला भगत के 5, जट्टारी के 2, खत्रीपाड़ा अतरौली के 4, पाली मुकिमपुर के 2, रमेश विहार कॉलोनी के 2, कुंवरनगर धनीपुर के 3, ओमपुरी इगलास के 2, छावनी नौरंगाबाद कुहारगली के 4, मैरिस रोड लक्ष्मीबाई मार्ग के 4, मेंडू कंपाउंड मैरिस रोड के 4, नगला मौलवी कमया मंदिर के पास के 2, रामस्नेही नगर आरएएफ रोड के 2, मेलरोज बाईपास के 2, गूलर रोड के 2, मानसरोवर कॉलोनी के 2 और पीली कोठी जयगंज के 2 लोग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक के लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि लक्षण के आधार पर संक्रमितों को होम आइसोलेट या कोविड-19 अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। परिजनों एवं संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन कर नमूना लिया जाएगा।
दीनदयाल से भागा कोरोना मरीज
अलीगढ़। पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती 28 वर्षीय मरीज आज दोपहर में भाग गया। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि मरीज के भागने की सूचना पुलिस को दे दी गई है। मरीज नौरंगाबाद क्षेत्र का रहने वाला है। वह 12 सितंबर से अस्पताल में भर्ती था।
विधायक का नाम लेकर मरीज कर रहे मनमानी
कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज भी कम नहीं है। अपनी सुविधा के लिए दूसरे मरीजों के उपचार में बाधा बन रहे हैं। कुछ ऐसी ही वाक्या मंगलवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय में देखने को मिला। मरीजों की भीड़ बढऩे के कारण कोविड अस्पताल में बेड की दिक्कत शुरू हो गई है। मंगलवार को कई मरीज भर्ती होने के लिए इमरजेंसी के बाहर खड़े थे। उन्हें इमरजेंसी वार्ड में पहुंचा दिया गया ताकि आराम से बैठ सकें। उसके बाद अस्पताल के खाली वार्डों में उन्हें बेड पर भर्ती किया जा रहा था। एसी वार्ड नंबर 7 में 6 में एक बेड खाली था। खाली बेड पर जब मरीज को भेजा गया तो पहले से भर्ती मरीजों ने विरोध शुरू कर दिया। यहीं नहीं एक विधायक का नाम लेकर स्वास्थ्यकर्मियों को हड़काने का प्रयास करने लगे। उनलोगों के विरोध के कारण मरीज को एसी वार्ड मे भर्ती नहीं किया जा सका। बड़ी मुश्किल से मरीज को दूसरे वार्ड में भर्ती किया गया।