कोरोना महामारी को लेकर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की बुधवार को कलेक्ट्रेट में बैठक हुई। बैठक में डीएम ने साफ तौर पर कहा कि नए शासनदेश के अनुसार ही रैंडम सैंपलिंग होनी चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं सहन नहीं।
डीएम ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक 10 फरवरी को होटल-रेस्टोरेंट, 11 को स्ट्रीट वेंडर, फल-सब्जी विक्रेता, 12 को रिक्शा, ई-रिक्शा व ऑटो चालक, 13 को निजी और रोडवेज बस अड्डों पर सैंपलिंग, 14 को मिष्ठान विक्रेताओं की सैंपलिंग, 15 को नारी निकेतन, आश्रय होम, बाल सुधार गृह, वृद्धाश्रम, 16 को फिर जेल, 17 को सरकारी कार्यालय, 18 को स्लम एरिया, घनी आबादी, 19 को फिर से स्लम एरिया, घनी आबादी, 20 को फिर से स्लम एरिया, घनी आबादी, 21 मॉल्स और ग्रोसरी शॉप, 22 को ब्यूटी पार्लर, 23 को स्कूल, कॉलेज, 24 को धार्मिक स्थल व उनके आसपास रहने वाले मांगने-खाने वाले लोगों की सैंपलिंग होगी। इसी के हिसाब से स्वास्थ्य विभाग अपनी टीमों को तैनात करे। वहीं, संबंधित क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट भी जांच पर अपनी निगाह रखें।
वहीं, कोरोना कंट्रोल रूम प्रभारी स्मृति गौतम ने बताया कि बाहर से आने वाले 9 लोगों की कोविड-19 की जांच कराई गई है, जिसमें 3 व्यक्ति यूके से हैं। इसके साथ ही कोविड की वैक्सीन लगने वाले 3100 लोगों की सूची कोविड कंट्रोल रूम को प्राप्त हुई है। उनकी निगरानी की जा चुकी है।