जवाहर नगर की कोरोना संक्रमित 60 वर्षीय महिला बृहस्पतिवार को सब्जी बेच रही थी। पता नहीं उसके संपर्क में आकर कितने लोग चपेट में आए होंगे। उसी परिवार की 13 वर्ष की बालिका चक्की पर आटा लेने गई थी। बालिका से भी संक्रमण फैलने के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है।
बुधवार को जवाहरनगर में एक ही परिवार के 6 लोग संक्रमित पाए गए थे। करीब 20 घंटे गुजर जाने के बाद भी संक्रमित मरीजों को भर्ती किया गया था। अधिकारियों को कई फोन करने के बाद बृहस्पतिवार रात में एंबुलेंस उनके घर पर पहुंची। इस बीच परिवार के लोग अन्य दिनों की तरह अपना काम करते रहे। दो रोज पहले संक्रमित पाए गए कारोबारी को ऐसे ही 20 घंटे से अधिक समय बाद आइसोलेट किया गया। ऐसी लापरवाही आए दिन सामने आ रही है। वह भी उस परिस्थिति में जबकि जनपद में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
जिला प्रशासन की लापरवाही लोगों पर पड़ रही भारी
संक्रमित मरीजों के घर के आसपास के एरिया को सील कर सैनिटाइज करने का काम भी ठीक से नहीं हो रहा है। संक्रमित मरीजों के संपर्कियों की तलाश और उनकी रिपोर्ट में देरी से भी संक्रमण फैल रहा है। कंटेनमेंट जोन एवं रेड जोन जैसी व्यवस्था अब कही दिखाई नहीं दे रही है। बिना मास्क पहने बाजार में निकलने पर जुर्माने का प्रावधान है। लेकिन ऐसे लोगों को कमी नहीं है, जो खुद तो खतरा उठा रहे हैं और दूसरे लोगों की जान को भी खतरा में डाल रहे हैं। पुलिस वाले मूकदर्शक बने रहते हैं और बिना मास्क के लोग सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। सामाजिक एवं शारीरिक दूरी का भी पालन बाजार में नहीं किया जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा कोई ठोस प्रयास भी नहीं हो रहा है।
जवाहर नगर की संक्रमित महिला सब्जी बेच रही है। 18-20 घंटे बाद भी उसको भर्ती नहीं किया गया है। उसके घर की बालिका दुकान पर सामान लेने गई थी। विष्णुपुरी के कारोबारी भी करीब 18-20 घंटे तक भर्ती नहीं हुए। जब संक्रमित मरीज ही नहीं भर्ती होंगे तो उनके संपर्क में आए लोगों की जांच कब और कैसे करेंगे। फिर कैसे कोरोना के चेन तोड़ेंगे। नियमों का कड़ाई से पालन एवं ईमानदारी से कार्य करने की जरूरत है।
- विष्णु कुमार बंटी, सामाजिक कार्यकर्ता
संक्रमित मरीजों की सूची आने के बाद जल्द से जल्द उसको कोविड-19 में भर्ती कराने का प्रयास किया जाता है। अगर इसमें विलंब हो रहा है तो यह ठीक नहीं है। कोरोना संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए जागरूकता एवं जनता का सहयोग जरूरी है। इसके लिए भी स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन प्रयास कर रहा है। सामाजिक दूरी और मास्क को लेकर न्यायालय भी बेहद गंभीर है।
- डॉ. बीपी सिंह, सीएमओ