पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय (कोविड-19 अस्पताल/ एल-2) में घटिया भोजन मिलने पर मरीजों का धर्य जवाब दे गया। नाराज कोरोना पीड़ित मरीजों ने नाश्ता एवं भोजन का बहिष्कार कर दिया। इससे अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। मामला जिलाधिकारी तक पहुंचने से खलबली मच गई है। अस्पताल के वार्ड 5 के मरीजों ने सुबह नाश्ते का बहिष्कार कर दिया। दोपहर का खाना भी नहीं खाने का एलान किया। मरीजों ने अधिकारियों के पास लिखित शिकायत भेज दी। इससे अस्पताल में हड़कंप मच गया।
वार्ड 5 में 20 से 25 मरीज हैं। मरीजों की शिकायत है कि उन्हें निमभन गुणवत्ता का भोजन दिया जा रहा है। पिछले कई दिनों से तोरई एवं लौकी की सब्जी दी जा रही है। रोटी व अन्य खाद्य पदार्थों की क्वालिटी भी अच्छी नहीं होती। अच्छा भोजन नहीं मिलने से रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होने की आशंका है। मरीजों की शिकायत के बाद दीनदयाल अस्पताल से लेकर सीएमओ एवं कलक्ट्रेट तक हड़कंप मच गया।
दोपहर में सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी अस्पताल में पहुंच गए। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। मरीजों को आश्वस्त किया कि ठेकेदार की शिकायत जिलाधिकारी से कर दी गई है। ठेकेदार को बदल दिया जाएगा। आज से मरीजों को बेहतर भोजन मिलेगा। सीएमओ के आश्वासन के बाद सुबह से भूखे मरीजों ने अपराह्न में दोपहर का भोजन लिया। सीएमएस डॉ. एबी सिंह ने बताया कि भोजन की क्वालिटी को लेकर मरीजों की शिकायत थी। सीएमओ आए थे। उन्होंने पहले ही सीएमओ को ठेकेदार बदलने के लिए लिखा है।
शिकायत के बाद मिली पालक की सब्जी, दाल, चावल और रोटी
अधिकारियों से शिकायत के बाद मरीजों को दोपहर के भोजन में पालक की सब्जी, दाल, चावल, रोटी दी गई। साथ में सलाद भी परोसा गया। मरीजों ने बताया कि रात में तोरई की सब्जी, दाल, रोटी एवं सलाद आया है।