कोरोना वायरस से काफी नुकसान हुआ हैै। इसने दूसरी स्वास्थ्य सेवाओं को भी निगल लिया है। इसकी वजह से तरह-तरह की दूसरी बीमारियों से ग्रसित लोगों को तो उपचार तक नहीं मिल पा रहा है। बहुत से लोग तो उपचार के अभाव में जान गंवा चुके हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम भी या तो ठप हो गए हैं या फिर सुस्त पड़ गए हैं।
पिछले छह महीने से दुनिया का फोकस कोविड-19 की ओर है। मार्च महीने से अपने देश में लॉकडाउन चल रहा है। दो महीने में कोविड-19 को छोड़कर अन्य बीमारी से पीड़ित लोगों को ठीक से उपचार नहीं मिल पा रहा है। दवा की सप्लाई लाइन में भी व्यवधान उत्पन्न हुआ है। राष्ट्रीय स्वास्य सेवाएं ठप है या उसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। जेएन मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसन डिपार्टमेंट के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. नजम खलिक कहते हैं कि अब तक रिसर्च से जाहिर हो चुका है कि कोविड-19 महामारी जल्दी खत्म होने को नहीं है। ऐसे में नॉन कोविड बीमारियां या सेवाओं का दोबारा संचालन बेहद जरूरी हो गया है।
आंकड़े पर एक नजर...
- जेएन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर में अप्रैल 2019 में मरीजों की संख्या 7590 जबकि अप्रैल 2020 में यह संख्या 3678 रही।
- मोहनलाल गौतम महिला जिला चिकित्सालय में 1 अप्रैल से 20 मई 2020 के बीच ओपीडी की संख्या 4158, भर्ती 1578 एवं लैब टेस्ट 2156 है। जबकि 2019 में यह संख्या इसी अवधि में क्रमश: 12857, 1924 एवं 4993 थी।
प्रभावित हो रहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाएं
-संचारी व गैर संचारी बीमारियों को लेकर समस्याएं सामने आ रही हैं, जैसे टीबी, लेप्रोसी, मलेरिया, डेंगू फीवर आदि।
- गैर संचारी बीमारी जैसे... रक्तचाप, हार्ट अटैक, मधुमेह, कैंसर, मनोचिकित्सा से संबंधित बीमारियां, त्वचा इंफेक्शन, आंखों की समस्याएं, कान, नाक व गले की समस्याएं, गर्भवती महिलाओं का चेकअप, प्रसव,
बच्चों की बीमारियां।
-राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम बुरी तरह प्रभावित, इसके रुकने से बीमारियां बच्चों में दोबारा फैल सकती है।
- हमारे स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र बंद है, बच्चों का खाना बंद है, इससे बच्चों में कुपोषण बढ़ने का खतरा
- नान कोविड दवाओं का सप्लाई चेन में रुकावट या डिस्क्रिप्शन आ गया है। अर्जेंट इमरजेंसी केयर भी प्रभावित।
- कोविड की वजह से स्ट्रेस, एंजायटी एवं डिप्रेशन भी देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश
कोरोना वायरस के कारण अन्य सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम ठप पड़ गए हैं। इसका अहसास शासन को भी हो रहा है। चंद रोज पहले शासन द्वारा अधिकारियों को फिर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यकमों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया गया है। उसके बाद स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने जनपद के तमाम सीएचसी एवं पीएचसी के अधिकारियों के साथ बैठक कर कोविड के साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर ध्यान देने का निर्देश दिया है। मलेरिया, डायरिया, टीकाकरण व अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों का लक्ष्य हासिल करने को कहा है ताकि अलीगढ़ जनपद को प्रदेश में सम्मानजनक स्थान हासिल हो। सीएमओ ने कहा कि धीरे-धीरे अन्य स्वास्थ्य सेवाएं शुरू किया जा रहा है। कुत्ते काटे का इंजेक्शन आ गया है। डायबिटीज, हार्ट, हाईपरटेंशन क्लीनिक चालू किया जा रहा है। मलखान सिंह एवं दीनदयाल चिकित्सालय में सर्जरी ओपीडी चालू किया गया है। धीरे-धीरे सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को पटरी पर लाना है।