देश में फिर से फैल रही कोरोना महामारी के मद्देनजर बड़ी संख्या में लोग ट्रेनों में कराए गए आरक्षण को निरस्त करा रहे हैं। रिफंड को लेकर ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले एजेंट के समक्ष कठिनाई खड़ी हो रही है। कई बार तो नोकझोंक की स्थिति हो रही है।
देश के कई राज्यों ने कोरोना महामारी को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी की है। 10 से अधिक राज्यों में रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू है। तमाम पाबंदियां हैं। इनके चलते दूसरे राज्यों में जाने वाले लोगों ने इरादा बदल दिया है और वे अपने टिकट निरस्त करा रहे हैं। वहीं, ऑनलाइन टिकट बुकिंग करने वाले एजेंट्स का काम मुश्किल हो गया है, क्योंकि रिफंड के लिए उन्हें पुराने ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड खंगालना पड़ रहा है।
ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले संजय गुप्ता का कहना है कि कुछ लोग तो टिकट के साथ टैक्स और उनके कमीशन का भी पैसा वापस मांग रहे हैं। ऐसे में कई बार नोकझोंक की स्थिति बन जाती है। उन्होंने बताया कि पिछले 15 दिन में करीब 450-500 टिकट निरस्त कर चुके हैं।
कुछ हफ्ते पहले जब रिजर्वेशन कराया था कब स्थिति इतनी गंभीर नहीं थी। लेकिन अब दिन प्रतिदिन केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन सख्त होती जा रही हैं। ऐसे में टिकट कैंसल कराना ही एकमात्र विकल्प था। - शरद बंसल, वाहन बीमा विशेषज्ञ
भारी पाबंदी के साथ कोई भी व्यक्ति परिवार के साथ दूसरे शहर या राज्य में सहजता के साथ नहीं जा सकता। कुछ हफ्तों पहले कराए गए टिकट निरस्त किए हैं। पूरा पैसा वापस नहीं मिला है, लेकिन जो मिला है, उसमें ही संतोष है।
- यासिर खान, रेस्टोरेंट कारोबारी
यासिर खान- फोटो : CITY OFFICE