परिवार रजिस्टर को ऑनलाइन करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ब्लॉक स्तर से यह कार्य पूरा होगा। परिवार रजिस्टर को ऑनलाइन करने से पहले इनकी जांच होगी और कब से कब तक का डाटा ऑनलाइन करना है इसकी पूरी गाइड लाइन शासन से जारी होगी।
परिवार रजिस्टर की नकल के लिए अब ग्रामीणों को ग्राम सचिव एवं सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। शासन स्तर से अब खसरा, घरौनी-खतौनी के बाद परिवार रजिस्टर का भी डिजिटलाइजेशन होगा। अब जन सुविधा केंद्र से परिवार रजिस्टर की नकल मिलेगी।
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डिजिटलाइजेशन से पहले परिवार रजिस्टर का सत्यापन होगा, ताकि त्रुटियों को सुधारा जा सके। इसमें नाम, पता एवं उम्र के साथ जाति-धर्म, साक्षर-निरक्षर जैसे सभी 12 कॉलम में सूचनाएं दर्ज करना अनिवार्य होगा। जिनमें क्रमांक संख्या, मकान नंबर, परिवार के प्रमुख का नाम, परिवार के सदस्यों का नाम, जाति, धर्म, पिता, पति का नाम, जन्म तिथि, साक्षर-निरक्षर सहित अन्य तमाम जानकारियां होती हैं। अभी तक परिवार रजिस्टर केवल ग्राम पंचायतों में है और इसकी फोटो कॉपी सचिव द्वारा दी जाती है।
डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि परिवार रजिस्टर को ऑनलाइन करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ब्लॉक स्तर से यह कार्य पूरा होगा। परिवार रजिस्टर को ऑनलाइन करने से पहले इनकी जांच होगी और कब से कब तक का डाटा ऑनलाइन करना है इसकी पूरी गाइड लाइन शासन से जारी होगी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में जो परिवार रजिस्टर रखे हुए हैं उन सभी को एकत्र करने के बाद उनकी त्रुटियों को दूर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में इसके लिए जल्द अभियान चलाया जाएगा। ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को आदेश जारी किए जा रहे हैं।