श्री गंगा सेवा समिति ने रविवार को केंद्रीय आर्य समाज मंदिर में बैठक की। अध्यक्षता वीरेंद्र शर्मा भैया ने की। यहां अटलपुर आश्रम के स्वामी मनमोहन गिरी महाराज हितैषी बाबा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक में गंगा के शुद्धिकरण के लिए घाटों पर तांबे के सिक्के उपलब्ध कराने और जनजागरुकता का निर्णय लिया गया।
कोषाध्यक्ष सेवाराम शर्मा ने कहा कि गंगा में लोग श्रद्धावश सिक्के फेंकते हैं। प्राचीन काल में गंगा में सिक्के अर्पण करने की प्रथा इस कारण थी कि पहले सोने चांदी और तांबे के सिक्के चलते थे, जो गंगाजल का शुद्धिकरण करते थे। आज ऐसे सिक्के प्रचलन में नहीं है। इसलिए श्री गंगा सेवा समिति गंगा में अर्पण करने के लिए घाटों पर तांबे के सिक्के बनवाकर उपलब्ध कराएगी। साथ ही जन जागरण द्वारा ऐसे सिक्के गंगा में अर्पण करने के लिए लोगों को प्रेरित भी किया जाएगा। ताकि गंगाजल की शुद्धिकरण की प्रक्रिया चलती रहे। वीरेंद्र शर्मा ने ऐसे प्रतीकात्मक सिक्के बनवाने का दायित्व लिया। इस मौके पर डॉ. आशा राठी, आरके शर्मा, कृष्णा गुप्ता, किरण कुमार झा, आभा वार्ष्णेय, आरके प्रेमी, गिर्राज शर्मा आदि मौजूद रहे।