हत्या के प्रयास के मुकदमे जिला कारागार में सजा काट रहे एक बीमार बंदी की उपचार के दौरान शनिवार रात जेएन मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। परिवारीजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है। इधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बीमारी से मौत की पुष्टि हुई है। हालांकि पुलिस ने परिवारीजनों की मांग पर विसरा संरक्षित कर एफएसएल (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) की टीम को भेज दिया है।
राकेश वाल्मीकि (28) पुत्र गनी वाल्मीकि निवासी बरका, खैर हत्या के प्रयास के मुकदमे में जेल में सात साल कारावास की सजा काट रहा था। जेल प्रशासन के अनुसार शनिवार रात को उसकी अचानक से तबियत बिगड़ गई। उपचार के लिए उसे जेएन मेडिकल कालेज ले जाया गया। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर, मृतक के भाई सुरेश के अनुसार गुरुवार को वह राकेश से गुरुवार को मिलाई करने जेल आए थे। उस दिन वह सामान्य था। शनिवार को अचानक से फोन आया और भाई की हालत बिगड़ने के संबंध में जानकारी दी गई। परिवारीजन जेल आ ही रहे थे। इसी बीच जेल प्रशासन ने भाई की मौत की सूचना दे दी। सुरेश हत्या की आशंका जताई है।
जेल अधीक्षक आलोक सिंह के मुताबिक राकेश 17 सितंबर 2018 को कोर्ट से सजा पाने के बाद से जेल में था। कई दिन से बीमार था। रात तबियत बिगड़ने पर उसे मेडिकल ले जाया गया, जहां मौत हो गई। उसकी बीमारी से मौत होने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हुई है। परिवारीजनों की मांग पर विसरा संरक्षित कर एफएसएल को जांच के लिए भिजवाया गया है।