कोरोना काल में लोगों को लाख समझाने के बाद भी वह मेल मिलाप से परहेज नहीं कर रहे हैं। इससे वह अपने साथ-साथ अपनों की जान भी खतरे में डाल रहे हैं। जिले में अब तक 2017 मरीज कोविड संक्रमित पाए गए हैं। इनके संपर्कियों की जानकारी जुटाने में लगी कोरोना कंट्रोल रूम की टीम ने इनके 13182 संपर्कियों का पता लगाया है। कंट्रोल रूम से की जा रही कांटेक्ट ट्रेसिंग के आंकड़ों को देख जिला प्रशासन भी हैरान है। कंट्रोल रूम के निर्देश पर इन सभी के सैंपल कराए गए हैं।
कंट्रोल रूम से फीडबैक, कर रहे जागरूक
डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना कर इसकी जिम्मेदारी कोरोना काल के शुरूआती दौर से वुमन प्रोटेक्शन सेल की प्रभारी स्मृति गौतम को सौंप रखी है। यहां से लगातार मरीजों की निगरानी की जा रही है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के लिए कांटेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। स्मृति गौतम ने बताया कि कोरोना मरीजों से फीडबैक लिया जा रहा है। सर्विलांस टीम कहां काम कर रही है। कंटेनमेंट जोन में सैनेटाइजेशन कितना हुआ है, कितना एरिया बाकी रह गया है, बैरिकेटिंग कहां-कहां हुई है, कंटेनमेंट क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कोई बाधा तो नहीं आ रही है, अस्पतालों में रोगियों को दवा, नाश्ता, भोजन आदि समय पर मिल रहा है या नहीं, रोगियों का नियमित परीक्षण हो रहा है या नहीं, होम आइसोलेट मरीजों की ऑनलाइन देखरेख सहित किसी रोगी को अस्पताल में भर्ती कराने व उसके लिए एंबुलेंस भेजने का काम इसी कमांड सेंटर से नियंत्रित हो रहा है। स्मृति गौतम के मुताबिक अभी तक 13812 लोगों को ट्रेस किया जा चुका है। इनमें मरीजों के परिवार सहित उनके दोस्त और रिश्तेदार भी शामिल है।
55877 लोग कंट्रोल रूम की कॉल पर हुए खुश
कोरोना कंट्रोल रूम से कोविड मरीजों के संपर्क वालों को की ट्रेसिंग करने के साथ ही प्रतिदिन कोरोना टेस्ट में नेगेटिव पाए जाने वाले लोगों को कॉल कर उनकी रिपोर्ट भी बताई जा रही है। अब तक यहां से 55877 लोगों को उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आने की खुशखबरी दी जा चुकी है। इसके साथ ही कोविड मरीजों के संपर्क वालों को सामाजिक दूरी बनाए रखने का पाठ पढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में यहां 32 कर्मचारी दिन रात ड्यूटी कर रहे हैं। इस काम के लिए पिछले दिनों सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी जिले की तारीफ की थी।