ये प्रमुख उत्पाद बनेंगे यहां
यह फर्म इस यूनिट में मेट्रो में प्रयोग होने वाले प्लेटफार्म स्क्रीन डोर, ई टिकट मशीन आदि उपकरण के साथ-साथ डेटा सेंटर को दिए जाने वाले कुछ उपकरण बनाएगी। मेट्रो का जो प्लेटफार्म स्क्रीन डोर बनेगा, वह मेट्रो के स्टेशन पर रुकने पर नियत स्थान पर स्वचलित प्लेटफार्म पर खुलता है। खुद ही बंद होता है।
अलीगढ़ से इस परिवार का पुराना नाता
संजीव सचदेव के पिता स्व.ओमप्रकाश सचदेव ने एएमयू से इंजीनियरिंग की थी। रघुवीरपुरी में उनका पुराना घर था। उन्होंने खुद ओएलएफ से दसवीं तक की पढ़ाई की। पिता ने 1962 से 82 तक दुबे पड़ाव पर मशीनरी पार्ट बनाने का कारखाना चलाया। बाद में गाजियाबाद में कारखाना लगाया। अलीगढ़ में जमीन का प्रस्ताव मिलने पर पुराना परिचित शहर होने के चलते यहां आए थे।
ये तथ्य जानें
- 50 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की यूनिट, प्लॉट कीमत अलग
- 300 से अधिक मजदूरों को इस यूनिट में मिल सकेगा रोजगार
- पूर्व में प्लॉट छोटा होने के कारण टाला था प्लान, अब उसी प्लॉट पर शुरू होगा काम
- मेट्रो के प्लेटफार्म स्क्रीन डोर के अलावा डेटा सेंटर संबंधी उत्पाद बनाने की भी तैयारी
- ख्यामई में आवंटित प्लॉट पर लगेगी यूनिट, सभी प्रकार की एनओसी मिलीं
- अगले साल तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य