निर्माण स्थल पर जहां मिट्टी की भार सहने की क्षमता कमजोर है, वहां पाइलिंग की जा रही है। इस प्रक्रिया में बोरिंग (खोदाई) करके उसमें स्टील की छड़ें डाली जा रही हैं और फिर कंक्रीट भरा जा रहा है, जो फ्लाईओवर के भारी वजन को संभालने का आधार बनेगा।
अलीगढ़ शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक, एटा चुंगी से लेकर पनैठी तक बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर का निर्माण शुरू हो गया है। लगभग 600 मीटर लंबा यह फ्लाईओवर 58 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य रेंगते हुए ट्रैफिक को गति देना है। फ्लाईओवर निर्माण के लिए सबसे पहले पाइलिंग का काम शुरू किया है। इस काम को पाइल फाउंडेशन कहा जाता है, जो फ्लाईओवर की नींव का सबसे गहरा और महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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निर्माण शुरू करने से पहले यातायात सर्वेक्षण कराया गया था। इसमें इस मार्ग से गुजरने वाले मौजूदा और भविष्य के वाहनों की संख्या का आकलन किया गया, जिसके आधार पर फ्लाईओवर का डिजाइन तैयार किया गया है। सेतु निगम के विशेषज्ञों के अनुसार, निर्माण स्थल पर जहां मिट्टी की भार सहने की क्षमता कमजोर है, वहां पाइलिंग की जा रही है। इस प्रक्रिया में बोरिंग (खोदाई) करके उसमें स्टील की छड़ें डाली जा रही हैं और फिर कंक्रीट भरा जा रहा है, जो फ्लाईओवर के भारी वजन को संभालने का आधार बनेगा।
पाइल फाउंडेशन का काम पूरा होने के बाद, जमीन के नीचे बने पाइल को आपस में जोड़ने और ऊपर से आने वाले खंभे के भार को वितरित करने के लिए पाइल कैप का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद ही फ्लाईओवर के खंभों (सब-स्ट्रक्चर) का काम शुरू होगा। सेतु निगम के डीपीएम मोहित कुमार ने बताया कि फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। हमारी प्राथमिकता तेज गति से और पूरी सुरक्षा के साथ निर्माण कार्य को पूरा करना है।