जनपद की यातायात पुलिस में तैनात एक हेड कांस्टेबल ने मजाक-मजाक में एसएसपी को संबोधित त्यागपत्र लिख दिया। पत्र में उसने खुद को दिल का मरीज बताते हुए बाईपास सर्जरी कराने को अवकाश न मिलने के कारण नौकरी से इस्तीफा देने की बात लिख दी। इधर, सिपाही के ही किसी साथी ने पत्र का फोटो खींच उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल फर्जी पत्र को पढ़ लोग अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दे सिपाही के समर्थन में आ खड़े हुए।
वहीं, पुलिस महकमे में भी पत्र को लेकर दिन भर चर्चा होती रही। सिपाही के फर्जी त्यागपत्र की सूचना रविवार को शाम तक आला अधिकारियों को भी लग गई। जब आला अधिकारियों ने इस संबंध में पड़ताल की तो सिपाही ने सच कुबूल लिया।
एसएसपी के नाम फर्जी त्यागपत्र लिखने वाले 50 वर्षीय रविंद्र सिंह मूलरूप से हापुड़ के थाना धौलाना के गांव सपनावत का रहने वाला है। जनपद की यातायात पुलिस में 2016 से हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है। रविंद्र सिंह के तीन बच्चे (दो लड़के एक लड़की) हैं। बड़े लड़के की शादी कर दी है। उसने स्वीकारा कि वह साथियों से मजाक में यह पत्र लिख गया है। किसी साथी ने फोटो खींच लिया।
सिपाही के फर्जी पत्र का मजमून
‘श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय, प्रार्थी (रविंद्र सिंह हेड कांस्टेबल, यातायात पुलिस) का नम्र निवेदन है कि मुझे अपनी बाईपास सर्जरी करानी है, लेकिन मुझे छुट्टी नहीं दी जा रही है। इससे मायूस होकर में अपनी नौकरी से त्याग पत्र दे रहा हूं। अगर, जिंदा रहा तो जीवन से बड़ी कोई चीज नहीं है। अत: प्रार्थना है कि मेरा त्याग पत्र स्वीकार करके मुझे पुलिस विभाग से मुक्त करने की कृपा करें’।