न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
जिन्ना प्रकरण में सिविल लाइन के तत्कालीन इंस्पेक्टर जावेद खान एवं एलआईयू को दोषी करार दिया गया है। डीएम की तरफ से बैठाई गई मजिस्ट्रियल जांच कर रहै एडीएम वित्त उदय सिंह द्वारा रिपोर्ट जमा किये जाने के बाद एक बार फिर विवादित मामला चर्चा में है। एएमयू छात्र संघ के पूर्व सचिव मो. फहद का कहना है कि हम लोगों शुरू से ही पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पूर्व राष्ट्रपति के कैंपस में रहने के बाद सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। निर्दोश छात्रों को निशाना बनाया गया। हमला करने वाले गुंडों के खिलाफ अब तक ठोस कार्र्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही इस मामले की वृहत स्तर पर जांच कराई जानी चाहिए। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष फैजुल हसन का कहना है कि सारा बवाल पुलिस की लापरवाही की वजह से हुआ था। गुंडे पुलिस के साथ आए थे। हमला करने वाले लोग पहले थाने गए थे और पुलिस संरक्षण में बाब-ए-सैयद पर पहुंचे थे।
सुरक्षाकर्मियों के साथ बदतमीजी की थी। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर ही नहीं बल्कि एसपी सिटी एवं सीओ के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। लाठीचार्ज में 22 से अधिक छात्र घायल हुए थे। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष मई में जिन्ना प्रकरण को लेकर एएमयू में काफी हंगामा हुआ था।