पूर्व कबीना मंत्री एवं वर्तमान भाजपा एमएलसी ठा.जयवीर सिंह के पुत्र डॉ.अरविंद सिंह के कांग्रेस उम्मीदवार बनने के बाद से सियासी हलचल बढ़ गई है। अरविंद के कांग्रेसी उम्मीदवार बनने के बाद से भाजपा में सक्रिय जयवीर सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने इस पूरे सियासी घटनाक्रम को कांग्रेस की साजिश करार दिया है। वह अरविंद से अपने रिश्ताें पर सफाई दे रहे हैं। वहीं अलीगढ़ संसदीय सीट पर उनके पुत्र अभिमन्यु सिंह की टिकट की दावेदारी पर भी प्रश्न चिन्ह लग गया है। जयवीर सिंह के करीबी लोगों की मानें तो अभिमन्यु सिंह टिकट के बेहतरीन दावेदार माने जा रहे थे।
जयवीर सिंह ने सफाई दी है कि उनकी धर्मपत्नी एवं पूर्व सांसद राजकुमारी चौहान, अभिमन्यु सिंह, भतीजे एवं जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह ‘नीटू’ सहित सभी भाजपा के प्रति निष्ठावान हैं। पीएम नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी नीतियों के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता रखते हैं। विवाह के दो वर्ष के उपरांत ही अरविंद उनकी विचारधारा के प्रति विद्रोह प्रकट करने लगा था और पूरे परिवार से अलग रहने लगा था।
जब जयवीर सिंह ने सपिरवार भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। उस वक्त भी अरविंद भाजपा एवं उनकी नीतियों से विमुख थे, जिसके फ लस्वरूप वो भाजपाई नहीं बने थे। इसीलिए उनको नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर के सर्वोच्च पद से कार्यमुक्त कर दिया गया था। अब उनके साथ सभी सामाजिक और राजनीतिक संबंधों पर पूर्ण विराम लग चुका है।
जयवीर सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने उनके परिवार के राजनीतिक मतभेदों का फ ायदा उठाते हुए यह कूटनीतिक चाल एवं राजनीतिक षड्यंत्र रचा है। अरविंद को छोड़ कर उनका परिवार पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों के समर्थक ही नहीं अपितु उनका अक्षरश: पालन करने वाले हैं। भविष्य में भी वह भाजपा के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में अपनी निष्ठा प्रमाणित करते रहेंगे।