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JN Medical College: ट्रामा सेंटर के बाहर तड़पते रहे मरीज, स्ट्रेचर के लिए भटकते रहे तीमारदार

Sun, 15 Feb 2026 01:04 PM IST
चमन शर्मा इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

निजी अस्पताल से रेफर किए गए मरीज के पेट में दर्द था। तीमारदार सरफराज ने बताया कि अपने मरीज को दोपहर 2:10 बजे एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लेकर आए, लेकिन स्ट्रेचर नहीं था। स्ट्रेचर लेने ट्रामा सेंटर के अंदर गए, लेकिन वहां स्ट्रेचर नहीं था।
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जेएन मेडिकल कॉलेज के ट्र्रॉमा सेंटर पर एंबुलेंस में मरीज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अलीगढ़ में जेएन मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर के बाहर 14 फरवरी दोपहर एक ऐसा मार्मिक और झकझोरने वाला नजारा देखने को मिला, जिसने इमरजेंसी व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। एक के बाद एक चार एंबुलेंस और चार कारें मरीजों को लेकर पहुंचीं, लेकिन स्ट्रेचर न मिलने से तीमारदारों को दर-दर भटकना पड़ा।

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दोपहर करीब 1:45 बजे पहली एंबुलेंस इमरजेंसी के सामने रुकी। एंबुलेंस में पेट दर्द से कराहता मरीज था, जिसे तुरंत इलाज की जरूरत थी। तीमारदार हड़बड़ाकर अंदर स्ट्रेचर लेने दौड़ा, लेकिन इमरजेंसी वार्ड में उसे कोई स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं मिला। वह मायूस होकर बाहर लौटा तो मरीज दर्द से कराहता रहा। करीब पांच मिनट बाद दूसरी एंबुलेंस पहुंची। उसके तीमारदार भी स्ट्रेचर की तलाश में इधर-उधर दौड़ते रहे, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। दोपहर 1:55 बजे तीसरी एंबुलेंस आ गई। इस बार भी वही हाल मरीज वाहन में ही पड़ा रहा और परिजन स्ट्रेचर के लिए कर्मचारियों से गुहार लगाते रहे। इसी बीच एक कार से भी गंभीर मरीज लाया गया। चालक ने आसपास खड़े लोगों से पूछा कि स्ट्रेचर कहां मिलेगा। जवाब मिला-हम भी स्ट्रेचर ढूंढ रहे हैं। यह सुनकर वहां मौजूद लोग व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे। 

दोपहर दो बजे चौथी एंबुलेंस भी पहुंच गई, लेकिन स्थिति जस की तस रही। ट्रामा सेंटर के बाहर कुछ देर के लिए खलबली जैसा माहौल बन गया। मरीजों की कराह और तीमारदारों की बेचैनी ने चिकित्सा सुविधाओं की लचर व्यवस्था सामने ला दी। करीब एक घंटे तीमारदार सुहैल अहमद ने कहा कि जिस तरह स्ट्रेचर नहीं मिला और इलाज में देरी मरीजों के लिए जान का खतरा हो सकता है।

ट्रामा सेंटर में स्ट्रेचर की कमी नहीं है। पिछले सप्ताह 30 नए स्ट्रेचर ट्रामा को दिए गए हैं। इस मामले में ट्रामा इंचार्ज से पूछताछ होगी कि दिए गए स्ट्रेचर का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है।-प्रो. नैयर आसिफ, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, जेएन मेडिकल कॉलेज

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केस-1
एंबुलेंस में दर्द से कराह रहा था मरीज

निजी अस्पताल से रेफर किए गए मरीज के पेट में दर्द था। तीमारदार सरफराज ने बताया कि अपने मरीज को दोपहर 2:10 बजे एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लेकर आए, लेकिन स्ट्रेचर नहीं था। स्ट्रेचर लेने ट्रामा सेंटर के अंदर गए, लेकिन वहां स्ट्रेचर नहीं था। एंबुलेंस में मरीज दर्द से कराह रहा था। करीब आधे घंटे के बाद स्ट्रेचर मिल पाया।

केस-2
हंगामा करने के बाद मिला स्ट्रेचर

तीमारदार सुहैल अहमद ने बताया कि अपने मरीज को दोपहर 2 बजे लेकर जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचा, लेकिन वहां कोई स्ट्रेचर नहीं था। मरीज को सांस की बीमारी है। हालत खराब होने पर निजी अस्पताल ने रेफर कर दिया था। स्ट्रेचर के अभाव में मरीज एंबुलेंस में दर्द से तड़प रहा था। हंगामा करने के बाद आधे घंटे के बाद स्ट्रेचर मिल पाया।
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