घायल अकील के पिता सलीम कुरैशी ने घटना के दिन हुए नुकसान का जिक्र करते हुए बताया कि 24 मई को उनका 3.50 लाख रुपये का माल (मीट) भी बर्बाद हो गया, पैसे और मोबाइल भी लूट लिए गए। घर के लोग अस्पताल में हैं और उन्हें दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। उन्होंने सबसे बड़ी जरूरत आर्थिक मदद को बताया, जो किसी भी नेता से नहीं मिली है। घायल अकील ड्राइवर के भाई आसिफ कहते हैं कि इस तरह सांत्वना के नाम पर संवेदनहीनता और सिर्फ दिखावे की राजनीति हो रही है जबकि पीड़ित परिवार इलाज और आर्थिक सहायता के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
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घायलों में एक मीट व्यापारी की हालत बिगड़ी, आईसीयू में भर्ती
24 मई को अलहदाद पुर में भीड़ के हमले में बुरी तरह घायल हुए अतरौली के चार मीट व्यापारियों का आरोप है कि उन्हें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में ठीक से इलाज नहीं मिल रहा है। एक घायल अकील ड्राइवर की गंभीर हालत होने पर उसके परिजन उसे निजी नर्सिंग होम में ले गए हैं, जहां वह आईसीयू में भर्ती है। अन्य तीन घायलों का कहना है कि उनको अपने पैसे खर्च कर दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। एक-एक घायल का 80-80 हजार रुपये तक खर्चा हो चुका है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन घायलों पर डिस्चार्ज हो जाने के लिए दबाव बना रहा है।
घायल अकील ड्राइवर की बुधवार रात को बिगड़ी तबीयत
गंभीर घायल अकील ड्राइवर के भाई आसिफ कहते हैं कि बुधवार की रात उनके भाई को मेडिकल कॉलेज में उल्टी हुई। कोई डॉक्टर देखने तक नहीं आया। उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। घर वालों से सलाह की तो यही तय हुआ कि अगर जान बचानी है तो प्राइवेट नर्सिंग होम में ले चलो। वहां पर उमस के मारे बुरा हाल था। दवाएं तक हमें अपने पैसे से खरीदनी पड़ रही थीं। कोई सुनने वाला नहीं था।
घायल कदीम ने बताया कि अभी उसके सिर के जख्मों से खून रिस रहा है। कानों में दर्द है। बैठा नहीं जाता है। इसके बाद भी अस्पताल के लोग हर 12 घंटे बाद डिस्चार्ज स्लिप लेकर आ जाते हैं। अस्पताल में दवाएं तक नहीं मिल रही हैं। अब तक 70 हजार रुपये अपने पास से खर्च किए हैं। काम बंद है। परिवार का पैसा खर्च हुआ है।
अरबाज ने कहा मेरा होंठ फटा है जबड़ा हिला है, दवाएं नहीं दे रहे
घायल अरबाज ने कहा मेरा होंठ बुरी तरह फटा है। जबड़ा हिला है। मुझे अस्पताल से दवाएं नहीं मिल रही हैं। घर में जमा पैसों से दवाएं खरीदी हैं। यहां पर डॉक्टर देखने तक नहीं आ रहे हैं। नेता लोग आए फोटो खिंचवाए, वीडियो बनवाई और चले गए लेकिन पैसे से मदद के नाम पर कुछ नहीं मिला।
हमने चारों घायलों की जांच की। सभी की हालत खतरे से बाहर है। सभी को बुधवार को ही डिस्चार्ज कर दिया गया है। सभी का इलाज चिकित्सा मैनुअल के अनुसार किया गया है। - प्रो. अमजद अली रिजवी, चिकित्सा अधीक्षक, जेएन मेडिकल कॉलेज