कभी प्रवेश के लिए लगती थी सिफारिश
इस महाविद्यालय की शुरुआत वर्ष 1997-98 में हुई थी। कभी इस महाविद्यालय में दाखिले के लिए सिफारिश लगने की बात कही जाती थी। अब तस्वीर उलट है। छात्र खुद नहीं आ रहे तो शिक्षकों को इंटर कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों को महाविद्यालय में प्रवेश लेने के लिए प्रेरित करना पड़ रहा है। इस महाविद्यालय का उद्घाटन 16 अक्तूबर 2000 में तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री ओम प्रकाश सिंह ने किया था।
शारीरिक शिक्षा समेत पांच शिक्षकों का पद रिक्त
महाविद्यालय में शिक्षकों के 10 पद सृजित हैं। गृह विज्ञान, संस्कृत, इतिहास, समाज शास्त्र और शारीरिक शिक्षा के शिक्षक के पद रिक्त हैं। लाइब्रेरी और वरिष्ठ लिपिक का भी पद खाली है। छह साल से लाइब्रेरी और दो साल से वरिष्ठ लिपिक का पद रिक्त चल रहा है।