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AMU: 1550 करोड़ का बजट फिर भी बदहाल एएमयू हॉस्टल, इमारतों पर उगी झाड़ियां और टपकती हैं छतें

Mon, 16 Feb 2026 03:25 PM IST
चमन शर्मा इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

आफताब हॉल में मॉरिसन कोर्ट हॉस्टल की अंदर और बाहरी दीवारें खराब हो चुकी हैं। मुमताज हाउस एक ऐतिहासिक इमारत है, जो घास की झाड़ियों में छिप गई हैं। गंदगी का अंबार है। डॉ. बीआर आंबेडकर हॉल की दीवारों से प्लास्टर उखड़ गया है। कमरे में गंदगी है। सर शाह सुलेमान हॉल की दीवार खराब है।
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एएमयू के मॉरिसन कोर्ट हॉस्टल की दीवार का उखड़ा प्लास्टर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश-दुनिया में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) की पहचान है। इस इदारे से पढ़े विद्यार्थियों को अलीग कहा जाता है। इनके बारे में ये बात मशहूर है कि अलीग बिरादरी कभी सोती नहीं है, क्योंकि दुनियाभर में अलीग फैले हैं। उन्हीं के इदारे का हॉस्टल बदहाल है। यूनिवर्सिटी का कागजों में करीब 1550 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट, लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ और है।

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घास की झाड़ियों में यूनिवर्सिटी की ऐतिहासिक इमारतें छिप गई हैं। दीवारें बेबसी और अनदेखी की कहानी बयां कर रही हैं। बारिश में छतों से बूंदें टपकती हैं। दीवारों से प्लास्टर झड़ रहा है। उनमें दरारें चौड़ी होने लगी हैं। हॉस्टल की खिड़कियां टूटी हैं। कमरों में सीलन है।
आफताब हॉल में कई हॉस्टल हैं। इनमें मॉरिसन कोर्ट हॉस्टल की अंदर और बाहरी दीवारें खराब हो चुकी हैं। मुमताज हाउस एक ऐतिहासिक इमारत है, जो घास की झाड़ियों में छिप गई हैं। गंदगी का अंबार है। डॉ. बीआर आंबेडकर हॉल की दीवारों से प्लास्टर उखड़ गया है। कमरे में गंदगी है। सर शाह सुलेमान हॉल की दीवार खराब है। कमोबेश ऐसी हालत सभी हॉलों की है।

इतने बड़े परिसर, सैकड़ों कमरों और भवनों के रखरखाव के लिए मौजूदा बजट नाकाफी है। मौजूदा वार्षिक बजट 1550 कराेड़ रुपये है, जबकि वार्षिक बजट 2000 करोड़ की जरूरत है। हर साल 2000 करोड़ रुपये मिल जाएं तो बेहतर है। फिर भी हॉस्टल की मरम्मत करने की कवायद चल रही है।-प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान, सह कुलपति, एएमयू

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एएमयू के हॉस्टल की हालत पहले जैसी नहीं है। हॉस्टल बदहाल हैं। हॉस्टल के कमरों की छतें टपक रही हैं। शौचालय की हालत ज्यादा ठीक नहीं है।-मोहम्मद सलमान गौरी, छात्र, एएमयू
डॉ. बीआर आंबेडकर हॉल की दीवारें खराब हो गई हैं। रीडिंग रूम की खस्ता हालत है। शौचालय और स्नानघर खराब हैं। यहां पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था नहीं है।-सोनपाल, छात्र, एएमयू

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ये भी जानें
  • 1875 में एमएओ कॉलेज की स्थापना
  • 1920 में एएमयू की स्थापना
  • 1155 एकड़ में कैंपस
  • 20 रेजिडेंशियल हॉल
  • 37113 छात्र-छात्राएं
  • 13 संकाय
  • 1678 एकेडमिक स्टॉफ

ये हैं हॉल
अब्दुल्ला हॉल, आफताब हॉल, अल्लामा इकबाल बोर्डिंग हाउस, मोहम्मद हबीब हॉल, हादी हसन हॉल, मोहसिनुल मुल्क हॉल, नदीम तरीन हॉल, इंदिरा गांधी हॉल, एनआरएससी हॉल, रॉस मसूद हॉल, सरोजिनी नायडू हॉल, सर सैयद हॉल, (उत्तर), सर सैयद हॉल (दक्षिण), सर शाह सुलेमान हॉल, विकारुल मुल्क हॉल, सर जियाउद्दीन हॉल, डॉ. बीआर आंबेडकर हॉल, बेगम सुल्तान जहां हॉल, बीबी फातिमा हॉल, बेगम अजीजुन निसा हॉल।
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