अलीगढ़ के सराय हकीम निवासी गजेंद्र सिंह के हाथ की हड्डी टूट गई थी। जिला अस्पताल पहुंचे थे। पहले तो लंबी लाइन में लगकर पर्चा बनवाया। जब पर्चा लेकर प्लास्टर रूम में पहुंचे तो कहा कि अब समय खत्म हो गया है कल आना। गजेंद्र सुबह से दोपहर तक नंबर आने के इंतजार में खड़े रहे। दोनों पैर सूज गए थे। जिक्र केवल इन्हीं का नहीं बल्कि जिला अस्पताल में कई ऐसे मरीज थे जिनकी हड्डी टूटी थी और इलाज नहीं मिल पा रहा था। 3 अक्तूबर को अमर उजाला की पड़ताल में जो स्थिति सामने आई वह वाकई बेचैन कर देने वाली थी। पेश है रिपोर्ट...
अस्पताल की कमियों को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। चिकित्सक और स्टाफ को चेतावनी भी दी गई है। फिर भी मरीजों को अगर बेवजह परेशान किया जा रहा हैं तो गलत है। संबंधित स्टाफ को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।-डॉ. सचिन वर्मा, प्रभारी, सीएमएस, जिला अस्पताल