मंडलायुक्त गौरव दयाल ने मंडल में 70 फीसदी पूर्ण हो चुकी विकास परियोजनाओं को इस माह के अंत तक पूर्ण करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया लंबित है, उनकी टेंडर प्रक्रिया जल्द कराकर काम शुरू करा दिया जाए। उन्होंने गोवंश संरक्षण के लिए एटा की तरह कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए कहा।
कमिश्नर मंगलवार को विकास कार्यक्रम, कानून व्यवस्था, कर करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे विभिन्न विकास कार्यक्रमों के कार्यों में तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त कराना सुनिश्चित करें। विधान सभा चुनाव के चलते नियमित विभागीय कार्यों को पूर्ण करने में ज्यादा वक्त नहीं मिलेगा। मुख्य विकास अधिकारियों को नियमित समीक्षा करते हुए शत प्रतिशत विभागीय लक्ष्य प्राप्त करने को कहा। उन्होंने नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के दृष्टिगत कहा कि कोविड-19 कंट्रोल रूम सक्रिय रहें और निगरानी समितियों को सक्रिय कर नियमित समीक्षा की जाए। बाहर से आने वालों की जांच सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं में विद्युत कनेक्शन व तकनीकी जांच कराकर उसे संबंधित विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। निराश्रित गोवंशों की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने मंडल के सभी जनपदों में स्थिति संतोषजनक न मिलने पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों का दायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी डीएम व सीडीओ को निर्देशित किया कि वे स्वयं गोशालाओं का निरीक्षण करें। इस अवसर पर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे, जिलाधिकारी हाथरस रमेश रंजन, जिलाधिकारी कासगंज हर्षिता माथुर, जिलाधिकारी एटा अंकित अग्रवाल समेत अन्य मंडलीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कानून व्यवस्था को लेकर सतर्क रहे डीएम व एसपी : आयुक्त
अलीगढ़। मंडलायुक्त ने विधान सभा निर्वाचन को देखते हुए कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत संवेदनशीलता की समीक्षा सभी डीएम व एसपी कर लें। डीआईजी दीपक कुमार ने पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि विधानसभा निर्वाचन के दृष्टिगत समन्वय बनाते हुए अभी से कार्य शुरू कर करते हुए थानावार शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएं।
इन विभागों की हुई समीक्षा
- कृषि, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई, विद्युत, खाद्य सुरक्षा, सहकारिता, लोक निर्माण विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार, पंचायती राज, समाज कल्याण, कन्या सुमंगला, गन्ना मूल्य भुगतान, अमृत योजना, मत्स्य, उद्यान, दुग्ध, पिछड़ा वर्ग, जल निगम, पशुपालन, श्रम तथा खादी एवं ग्रामोद्योग।