आरोप है कि गर्भवती की तबीयत बिगड़ी। इस पर आशा कार्यकर्ता को बुलाया। वह अस्पताल न ले जाकर बुढ़ासी रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गई और सरकारी अस्पताल से अच्छा इलाज का भरोसा दिलाकर भर्ती करा दिया।
हरदुआगंज अंतर्गत सफेदपुरा निवासी यतेंद्र कुमार ने अपनी पत्नी जावित्री और नवजात बच्चे की मौत के मामले में हरदुआगंज की एक निजी अस्पताल में संचालिका के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। सीओ अतरौली राजीव द्विवेदी का कहना है कि मामले वास्तविक जांच स्वास्थ्य विभाग करेगा जिसके लिए विभागीय अधिकारियों को लिखा जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस के स्तर पर अस्पताल का पंजीकरण और लाइसेंस देखा जा सकता है।
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यतेंद्र कुमार के अनुसार उनकी गर्भवती पत्नी जावित्री को 4 अक्तूबर को तबीयत बिगड़ी थी। इस पर आशा कार्यकर्ता को बुलाया था। वह अस्पताल न ले जाकर बुढ़ासी रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गई और सरकारी अस्पताल से अच्छा इलाज का भरोसा दिलाकर भर्ती करा दिया। उन्होंने कई बार मेडिकल कॉलेज रेफर करने के लिए कहा लेकिन अस्पताल संचालिका ने अगले दिन बिना बताए प्रसव करा दिया। प्रसव के बाद बताया कि मृत बच्चा हुआ है।
आरोप है कि प्रसव के अगले दिन जावित्री की हालत ज्यादा बिगड़ी रेफर किया गया। 7 अक्तूबर को अलीगढ़ शहर के एक निजी अस्पताल में उनकी पत्नी की भी मौत हो गई। पति समेत मायके वालों ने थाने में तहरीर दी है।
मरीज की मर्जी के बिना इलाज नहीं किया गया। सामान्य प्रसव हुआ। मरीज की जांच रिपोर्ट अच्छी नहीं थी। आरोप बेबुनियाद हैं। -कुसुम वर्मा, अस्पताल संचालिका