पहले रजिस्ट्रार दफ्तर और फिर वीसी दफ्तर में घुसकर उपद्रव करने के बाद तीसरे दिन वीसी की गाड़ी रोकने के बाद जेल भेजे गए एएमयू छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष व सचिव की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। एएमयू इंतजामिया की ओर से इन दोनों सहित साथी छात्र नेताओं के खिलाफ तीन और मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। सिविल लाइंस पुलिस ने तीनों मुकदमे गुरुवार शाम दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज से लेकर अन्य तरह से साक्ष्य संकलन पर काम शुरू कर दिया है।
इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अमित कुमार के अनुसार पहला मुकदमा एएमयू कुलपति प्रो.तारिक मंसूर के सुरक्षा अधिकारी अजीम की ओर से हमजा सूफयान व हुजैफा आमिर रशादी आदि के खिलाफ दर्ज कराया गया है, जिसमें दफ्तर से लौटते एएमयू कुलपति की कार रोककर अभद्रता व हंगामा करने का आरोप है। दूसरा मुकदमा सुरक्षा अधिकारी मैक डैनियल की ओर से हुजैफा, हमजा के अलावा उनके साथी छात्र जुनैद, यूनुस, शाकिब, सबोह आदि के खिलाफ दर्ज कराया गया है, जिसमें प्रशासनिक ब्लाक में घुसकर तोड़फोड़ करने, स्टाफ को काम काज न करने देने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, शैक्षणिक कार्य बाधित करने आदि धाराओं में दर्ज कराया गया है। तीसरा मुकदमा बुधवार को घटित घटना के संबंध में सुरक्षा अधिकारी चाहत अली की ओर से दर्ज कराया गया है। इसमें वीसी दफ्तर में अवैध हथियारों सहित घुसकर उपद्रव करने व ताला तोड़ने का आरोप है। इस मुकदमे में हमजा, हुजैफा के अलावा मो.साजिद, खान एम नदीम आदि को आरोपी बनाया गया है। बता दें कि इससे पहले एक मुकदमा इन पर रजिस्ट्रार दफ्तर की घटना से संबंधित भी दर्ज कराया गया है। इस तरह इस प्रकरण में अब तक चार मुकदमे दर्ज हो गए हैं।