टाटा व सहयोगी कंपनी एलडेसा पर `3.25 करोड़ का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। रेलवे के निर्माणाधीन डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण में अवैध खनन और रायल्टी नहीं जमा होने का खुलासा हुआ है जिसमें पहली बार जिला प्रशासन ने सवा तीन करोड़ का भारीभरकम जुर्माना ठोंका है। तहसील कोल और गभाना के गांवों से अवैध मिट्टी खनन मामले में सवा तीन करोड़ रुपये का जुर्माना ठोंका गया है। एसडीएम स्तरीय जांच में अवैध खनन का खुलासा होने पर जिलाधिकारी ने यह कार्रवाई की है।
जिलाधिकारी को कुछ दिन पूर्व शिकायत मिली थी कि रेलवे के फ्रेट कॉरिडोर निर्माण के दौरान कुछ कंपनियाें ने तहसील गभाना एवं कोल के करीब एक दर्जन गांवों से बगैर अनुमति अवैध रूप से मिट्टी खनन कराया है। डीएम ने एसडीएम कोल एवं गभाना को मामले की जांच सौंप दी। जांच में पाया गया कि कंपनी ने पूर्व अनुमति के साथ कुछ गांवों में नियमानुसार खनन किया लेकिन इसके अलावा गभाना के चार और कोल के करीब आठ गांवों में अवैध खनन कराया गया है। जिस पर कंपनी को शो कॉज नोटिस दिया गया। जवाब में कंपनी ने अवैध खनन की बात स्वीकार करते हुए अपनी सफाई में कहा कि उनकी कुछ सबलेट कंपनियों से गलती हो गई है। इस पर डीएम ने खनिज मूल्य एवं मिट्टी की तयशुदा रायल्टी का पांच गुना जुर्माना लगाते हुए सवा तीन करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश दिए। कंपनी ने यह जुर्माना जमा भी करा दिया है।