अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने पर्यावरण विज्ञान में बहु-विषयक पाठ्यक्रमों के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया है। इस संबंध में 8 जून के अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
गठित की गई समिति में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर इजहार उल हक फारुकी को अध्यक्ष बनाया गया है। एएमयू के रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद को संयोजक बनाया गया है। इसके अलावा समिति में रेमन मैग्सेसे अवार्ड विजेता जल पुरुष डॉ. राजेंद्र सिंह, सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर अब्दुल बाकी, प्रोफेसर अनवर खुर्शीद, भूगोल विभाग के प्रोफेसर शहाब फसल और परीक्षा नियंत्रक शामिल हैं।
एएमयू रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद आईपीएस ने बताया कि समिति पाठ्यक्रम के नाम, इसकी अवधि, प्रवेश के लिए पात्रता, पाठ्यक्रम, प्रवेश प्रक्रिया और अन्य मुद्दों पर विचार करेगी। कमेटी 30 जून तक अपनी रिपोर्ट देगी, ताकि शैक्षणिक सत्र 2021-22 से कोर्स शुरू हो सके।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम ऑनलाइन आयोजित किया गया था। इसमें जलपुरुष डॉ. राजेंद्र सिंह ने अपने संबोधन के दौरान लोगों में जागरूकता पैदा करने और प्राकृतिक संसाधनों का दुरुपयोग रोकने के लिए विश्वविद्यालयों में जल संरक्षण जैव विविधता संरक्षण आदि के संबंध में पाठ्यक्रम शुरू करने का आग्रह किया था। इसके बाद कुलपति ने भी पर्यावरण विज्ञान में पीजी डिप्लोमा शुरू करने की संभावना पर भी चर्चा की थी। अब जल्दी ही यह पाठ्यक्रम विधिवत शुरू हो जाएगा।