कोरोना संक्रमण को गांवों में फैलने से रोकने के लिए अब नोडल अधिकारियों की तैनाती की जा रही है। मंडलायुक्त गौरव दयाल को अलीगढ़ और कासगंज की जिम्मेदारी दी गई है। नोडल अधिकारी संबंधित जिलों में प्रवास कर वहां कोरोना संक्रमण रोकने के उपायों की समीक्षा कर शासन को अवगत कराएंगे। इसमें शासन के निर्देशों का जनपद स्तर पर पालन कराना सबसे प्रमुख है।
इसके अलावा ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में निगरानी समितियों को सक्रिय कर संक्रमण फैलने पर नजर रखी जाएगी। घर-घर स्क्रीनिंग कर कोरोना के संदिग्ध मरीजों की यथाशीघ्र जांच कर उनको उपचार दिया जाएगा। निगरानी समितियां मेडिकल किट बांटेगी।
किट प्राप्त करने वालों का ब्योरा कोविड कमांड सेंटर के माध्यम से शासन तक जाएगा। कोविड कमांड सेंटर मेडिकल किट प्राप्त करने वालों का सत्यापन करेगा। जनप्रतिनिधियों को भी इसकी सूची उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे वह जनता के बीच में इसका प्रचार प्रसार कर फीडबैक ले सकेंगे।
जिन संदिग्ध मरीजों के घरों में अलग अलग टायलेट की सुविधा नहीं है। उनको सूचीबद्ध सेक्टर अधिकारी के माध्यम से निकटवर्ती क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा ताकि संक्रमण न फैले। क्वारंटीन सेंटरों में ठहराए गए लोगों से डाक्टरों की टीम कोविड कमांड सेंटर के माध्यम से जुड़ी रहेगी। ऐसे लोगों का तत्काल कोरोना टेस्ट करा कर उनको उपचार दिया जाएगा। नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए फॉगिंग और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था होगी।
नोडल अधिकारी ये भी सुनिश्चित करेंगे कि निजी अस्पताल कहीं भी ओवर चार्ज न करें। सरकार से तयशुदा दरों पर ही नियमानुसार कोरोना मरीजों से चार्ज किया जाए। ओवर चार्ज होने पर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई होगी। रैपिड रेस्पांस टीमों के काम पर नजर रखी जाएगी।
अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता, चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता, मरीजों के भोजन और अस्पतालों की साफ सफाई पर भी ध्यान दिया जाएगा। उक्त कार्यवाही की रिपोर्ट रोजाना सीएम कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय, एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग को भेजी जाएगी। नोडल अधिकारी जिलाधिकारियों का मार्गदर्शन करेंगे तो जिला प्रशासन नोडल अधिकारियों का सहयोग करेगा।