मथुरा रोड शहर का प्रमुख मार्ग है। माहेश्वरी इंटर कॉलेज के आगे दाहिनी तरफ पुराने बाईपास तक लगभग 400 मीटर और एटूजेड प्लांट के आगे से बाईं तरफ पर बाईपास तक लगभग 200 मीटर की सड़क पर दोनों ओर बिल्डरों ने सीवेज फार्म और ट्रीटमेंट प्लांट के लिए आरक्षित क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है।
अलीगढ़ के मथुरा रोड स्थित सीवेज फार्म और ट्रीटमेंट प्लांट की सरकारी भूमि पर बिल्डरों और प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा अवैध कॉलोनियां बसा दी गईं हैं। अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) ने इन अवैध कॉलोनियों को विकसित करने वालों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
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इन कॉलोनियों को बिना किसी स्वीकृत ले-आउट या नक्शे के विकसित किया गया है, जो उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के खिलाफ है। मथुरा रोड शहर का प्रमुख मार्ग है। माहेश्वरी इंटर कॉलेज के आगे दाहिनी तरफ पुराने बाईपास तक लगभग 400 मीटर और एटूजेड प्लांट के आगे से बाईं तरफ पर बाईपास तक लगभग 200 मीटर की सड़क पर दोनों ओर बिल्डरों ने सीवेज फार्म और ट्रीटमेंट प्लांट के लिए आरक्षित क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है। सड़क से लगभग 60 मीटर भीतर दोनों ओर सरकारी जमीन है। इन क्षेत्रों में बिना अनुमति के कॉलोनियां खड़ी कर दी गईं है। मथुरा रोड से लेकर आगरा रोड तक ऐसी अवैध कॉलोनियों की भरमार देखी जा रही है।
एडीए की कार्रवाई की कवायद
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष कुलदीप मीणा ने कहा है कि बिना स्वीकृत ले-आउट के कॉलोनियों का निर्माण या प्लॉट्स की बिक्री पूरी तरह गैरकानूनी है। एडीए ने हाल ही में ऐसी 17 कॉलोनियों को जेसीबी से ध्वस्त करने की कार्रवाई की थी, जिनमें मथुरा रोड और अन्य क्षेत्रों की कॉलोनियां शामिल थीं। अब सीवेज फार्म और ट्रीटमेंट प्लांट की भूमि पर बनीं कॉलोनियों को चिह्नित कर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।