कोहरे और सर्द रातें किसानों के लिए भारी पड़ रही हैं। खेतों से हट हट, निकल... चल चल भाग... की आवाजें और गांवों में आबादी के बीच मंदिरों से हर घंटे सायरन की आवाज गूंज रही हैं। यह कवायद घरों के बाहर बंधे पालतू मवेशियों को चोरों से बचाने और खेतों में खड़ी फसल की छुट्टा पशुओं से सुरक्षा के लिए की जा रही है। पूष (पौष) की इस गलन भरी सर्द रातें किसानों के लिए पशुओं की पहरेदारी में कट रही हैं।
गांवों में बढ़ती पशु चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने नई पहरेदारी की व्यवस्था शुरू कर दी है। गांवों मंदिरों या सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस टीम व चौकीदार गांवों में बनी ग्राम सुरक्षा समितियों द्वारा रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक हर घंटे पर सायरन बजाया जाता है, जिससे सायरन की आवाज सुनकर पशुपालक जागते रहें और चोर भी जगा होने और पुलिस के आने के अंदेशा से डरें। पुलिस की कई टीमें रात भर गांवों में भ्रमण कर चौकीदारों और ग्राम सुरक्षा समितियों की निगरानी करती हैं।
गांवों में छुट्टा पशु किसानों के लिए बड़ी समस्या बन चुके हैं। गेहूं की फसल खेतों में खड़ी है। छुट्टा पशुओं का झुंड खेतों में घुस जाता है और फसल को उजाड़ कर चला जाता है। फसल की सुरक्षा के लिए शाम होती ही किसान हाथों में डंडा, टॉर्च और कंधे पर लोई डालकर खेतों में निकल जाते हैं, जहां 11 बजे तक फसल की रखवाली करनी पड़ती है। पशुओं के हमले से बचने के लिए कई आसपास के खेतों के किसान भी एक ग्रुप में रहते हैं और अलाव जलाकर फसलों की रखवाली करते हैं। कई किसान रात को मचान बनाकर भी रखवाली करते हैं और उनकी रात खेतों पर ही गुजरती है।
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जंगली सुअरों का आतंक
क्षेत्र मे जंगली सुअरों का भी आतंक भारी है। जंगली सुअर आलू व सरसों की फसल में आकर भारी नुकसान करते हैं। इससे किसान बेहद परेशान हैं।
- पुलिस टीम लगातार गांवों में गश्त कर जनता को सुरक्षा देने का कार्य कर रही हैं। गांवों में ग्राम सुरक्षा समिति व चौकीदार भी मिलकर गश्त करने में मदद दे रहे हैं।- राजीव द्विवेदी, सीओ
- समय समय पर अभियान चलाकर छुट्टा गोवंश को गांवों से पकड़वाकर गोशालाओं में भेजा जाता है, जहां भी गोवंश छुट्टा घूम रहे हैं, उन्हें पकड़वाया जाएगा।- डॉ. विनोद ढाका, डिप्टी सीवीओ
- ग्रामीण रात को गांवों में पुलिस के साथ गश्त करते हैं और सायरन बजाते हैं। सायरन के कारण लोग सतर्क रहते हैं। इससे चोरियों पर अंकुश लग रहा है।- नरेंद्र राजपूत
- जानवरों के हमले से बचने के लिए रात को फसल की रखवारी के लिए युवाओं को टोली के रूप में खेतों पर जाना पड़ता है। छुट्टा पशु गोशाला भेजे जाएं।- कपिल कुमार