सीएमओ नीरज त्यागी के तबादले के बाद भी सीएमओ कार्यालय के विवाद थम नहीं रहे। अब नए सीएमओ को तलाशी व सामान के मिलान में एक लैपटॉप गायब मिला है। इसे लेकर सीएमओ कार्यालय से एक पत्र जारी हुआ है, जिसमें तीन दिन में लैपटॉप न मिलने पर एफआईआर कराने की बात कही गई है।
जानकारी के अनुसार, नए सीएमओ रामनाथ सिंह को कार्यालय के अभिलेखों और उपलब्ध सरकारी उपकरणों का मिलान करते समय एचपी का लैपटॉप के गायब होने की जानकारी मिली। इसके बाद कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की गई। सीएमओ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कार्यालय की सभी अलमारियों, मेजों और रिकॉर्ड रूम की गहन तलाशी ली जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लैपटॉप कहीं कार्यालय परिसर में ही तो नहीं रखा है।
सूत्रों के मुताबिक, यह लैपटॉप पूर्व सीएमओ के कार्यकाल में खरीदा गया था। अब इसके गायब होने से उस समय हुई खरीद और उपकरणों के रखरखाव की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। विभाग यह भी पता लगा रहा है कि लैपटॉप किस अधिकारी या कर्मचारी के उपयोग में था और उसका रिकॉर्ड किसके पास सुरक्षित था।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी उपकरणों का नियमित सत्यापन किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल विभाग लैपटॉप की तलाश और उससे जुड़े अभिलेखों की जांच में जुटा हुआ है। इस मामले में दफ्तर में तरह तरह की चर्चा हैं। साथ में सवाल उठ रहे हैं कि स्टॉक रजिस्टर का सत्यापन कैसे होता रहा।
खरीद में घोटाले की चर्चाओं पर नोडल छोड़ रहे चार्ज
सत्यापन के दौरान सीएमओ दफ्तर में किट खरीद के पर्चों में भी गड़बड़ी पाई गई है। इसे लेकर घोटाले की चर्चाएं हैं। करीब डेढ़ साल के किट आदि सामान की खरीद के पर्चों का मिलान नहीं हो पा रहा है। इसके चलते मौजूदा नोडल एसीएमओ बीके राजपूत ने यह जिम्मा देखने से इन्कार करते स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर चार्ज छोड़ने की बात कही है।