मलखान सिंह जिला अस्पताल में कोरोना टीकाकरण से पूर्व फैली अव्यवस्था पर सीएमओ ने खुद झाड़ू उठा ली। उन्होंने टीकाकरण कक्ष की सफाई की। । टीकाकरण रूम में टेबल-कुर्सी इधर-उधर पड़े थे। बाद में 61 स्वास्थ्यकर्मियों को टीके लगाए गए।
दो ड्राईरन एवं 16 जनवरी को अभियान की शुरूआत के बाद भी अधिकारी एवं कर्मचारी टीकाकरण को लेकर गंभीर नहीं है।
सुबह 9 से शाम 5 बजे तक टीकाकरण के लिए समय निर्धारित है। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी जब सुबह जिला अस्पताल इमरजेंसी स्थित टीका केंद्र पर पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर हैरान रह गए। लाभार्थियों के लिए अलग से कुर्सी का इंतजाम नहीं था। टीकाकरण रूम में टेबल-कुर्सी इधर-उधर पड़े थे। कुछ व्यवस्थित नहीं था। सीएमएस भी समय पर बूथ पर मौजूद नहीं थे। इस पर सीएमओ ने झाड़ू उठाकर टीकाकरण कक्ष की सफाई शुरू कर दी। सूचना के बाद आनन-फानन में सीएमएस डॉ. रामकिशन पहुंचे। उसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों को टीके लगने शुरू हुए। 11 बजे तक 10 स्वास्थ्यकर्मियों को टीके लग गए। शाम 5 बजे तक 61 स्वास्थ्यकर्मियों ने टीके लगवाए।
सीएमओ ऑफिस से वैक्सीनेटर सुबह 9.30 बजे पहुंची। इसकी वजह से टीकाकरण में देरी हुई। बिना मतलब का तूल दिया जा रहा हैं। रात में ही व्यवस्था देख लिया था। टीकाकरण में किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई।
डॉ. रामकिशन, सीएमएस
लाभार्थियों के बैठने का इंतजाम नहीं था। टीकाकरण रूम में टेबल-कुर्सी इधर-उधर पड़े थे। सब एक-दूसरे को सफाईकर्मी को बुलाने की बात कह रहे थे। इसलिए मैंने झाड़ू लेकर सफाई शुरू कर दी ताकि कर्मचारियों को सही संदेश पहुंचे।
- डॉ. बीपी सिंह कल्याणी, सीएमओ
ड्राईरन को भूल गए कर्मी
जिला अस्पताल में टीकाकरण के शुरूआती दौर में कर्मी ड्राईरन के रिहर्सल को भूल गए। गेट पर लाभार्थियों का आईडी चेक करने वाला कोई नहीं था। वेटिंग रूम में बैठने के लिए भी अलग से कोई घोषित इंतजाम नहीं थे। इमरजेंसी में मौजूद कुर्सी पर दूसरे मरीज भी बैठे थे। निगरानी कक्ष में कुर्सी के बदले बेड पड़े थे। इमरजेंसी में सीसीटीवी तो थे लेकिन टीकाकरण गाइड लाइन के अनुसार नहीं थे। प्रतीक्षा कक्ष एवं निगरानी कक्ष में सीसीटीवी जरूरी है।
नहीं लगवाने से अच्छा, टीका लगवाना है। इससे नुकसान नहीं है। डरने-घबराने की बात नहीं है। कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है।
डॉ. अंजली, चिकित्सक
टीका हमारी हिफाजत के लिए है। डरने की कोई बात नहीं है। विल पॉवर मजबूत होनी चाहिए।
डॉ. केपी सिंह, चिकित्सक
टीका हमें कोरोना से बचाएगा। हम ज्यादा आत्मविश्वास से मरीजों की सेवा कर पाएंगे। देश के वैज्ञानिकों ने परिश्रम से इसे तैयार किया है।
डॉ. सुधीर वर्मा, चिकित्सक
टीके से डरने की जरूरत नहीं है। महामारी से लड़ने का यह सबसे मजबूत हथियार है। टीके लगाने के बाद किसी तरह की दिक्कत नहीं है।
राधा वर्मा, स्टाफ नर्स