धन की बर्बादी की जा रही है। तीन साल पहले जो निर्माण हुए थे, उन्हीं स्थानों पर दोबारा से निर्माण कराया जा रहा है।-कुलदीप पांडे पार्षद
शहर में जगह-जगह सीएम ग्रिड योजना के तहत निर्माण कार्य किया जा रहे हैं। इनमें कई ऐसे निर्माण कार्य हैं, जहां पर पिछले दो-तीन साल पहले ही निर्माण कार्य हो चुके हैं।-पुष्पेंद्र जादौन पार्षद
सीएम ग्रिड योजना पहली इंट्रीग्रेटेड योजना है, जिसमें सड़क, नाला, पथ प्रकाश, अंडर ग्राउंड लाइटिंग, फुटपाथ व पार्किंग का कार्य कराया जा रहा है। पहले की योजनाएं ऐसी नहीं थी। पहले समयनुसार योजनाओं पर कार्य होता था। इस कारण इस प्रकार की समस्या आईं। मगर अब शहर का सुनियोजित विकास हो रहा है।- प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त
- केस-1-स्मार्ट सिटी योजना से तीन साल पहले क्वार्सी चौराहे पर सुंदरीकरण और चौड़ीकरण व अंडर ग्राउंड बिजली की केबल बिछाने का कार्य किया गया था। इस पर करीब 22 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। अब इसी रोड फ्लाई ओवर का निर्माण शुरू हो गया है। ऐसे में दो ओर चौड़ीकरण व सुंदरीकरण का पूरा कार्य बेकार चला गया। अंडर ग्राउंड केबल सहित बिजली संबंधित कार्य और फुटपाथ फिर से बनाने पड़ेंगे।
- केस-2- रामघाट रोड पर फुटपाथ का निर्माण कराया गया था साथ ही वेडिंग जोन भी बनाए गए थे। ऐसे ही फुटपाथ लक्ष्मीबाई मार्ग, मंडलायुक्त कार्यालय के पास, समद रोड और सेंटर प्वाइंट पर बनाए गए। रामघाट रोड पर बनाई जा रही सड़क की जद में यह भी आ गए है। इस पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च हुए थे।
- केस-3-सूत मिल चौराहे का सुंदरीकरण और सड़क चौड़ीकरण का कार्य स्मार्ट सिटी योजना से कराया गया था। इस पर करीब 22 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इसके तीन साल बाद सूत मिल चौराहे से भांकरी और सूतमिल चौराहा से नादा पुल खैर रोड तक 99 करोड़ से स्मार्ट सिटी योजना के तहत सड़क निर्माण शुरू हो गया। पहले खर्च हुआ धन बेकार चला गया।
- केस-4-आईटीआई रोड और क्वार्सी चुंगी से केला नगर चौराहा तक तीन साल पहले भी नाला निर्माण कराया गया था। जिस पर करीब दो से तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। अब फिर से सीएम ग्रिड योजना के तहत नाला और सड़क निर्माण कराया जा रहा है। अगर तीन साल में नाला टूट गया तो गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।