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Aligarh News: क्लाइमेट्रॉन 1ए ड्रोन से मिलेगी जहरीली गैस और प्रदूषण की जानकारी

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एएमयू छात्रों द्वारा तैयार किया गया ड्रोन। - फोटो : samvad
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प्रतिभा और तकनीक का जब मेल होता है तो क्लाइमेट्रॉन जैसे आविष्कार जन्म लेते हैं। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के पॉलीटेक्निक के छात्रों ने एक ऐसा ड्रोन तैयार किया है, जो न सिर्फ हवा में उड़ेगा, बल्कि इंसान की पहुंच से दूर खतरनाक इलाकों में जाकर वहां की हवा का हाल भी बताएगा।
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इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के पांच छात्र कामरान फिरदौस, मोहम्मद अली, मोहम्मद शहजेब, सोहेब अख्तर और मोहम्मद मोनिश ने क्लाइमेट्रॉन 1ए नामक ड्रोन प्रणाली विकसित की है। इस ड्रोन की खासियतें किसी को भी हैरान कर सकती हैं। यह हवा में मौजूद एक्यूआई, ग्रीनहाउस गैसों और ज्वलनशील पदार्थों को सूंघने में माहिर है। यह हर 2 सेकंड में पर्यावरणीय आंकड़े सीधे आपके मोबाइल पर भेजता है। गैस रिसाव या प्रदूषण का स्तर बढ़ते ही यह तुरंत अलर्ट जारी कर देता है।


आपदा में बनेगा संकटमोचक

प्राचार्य प्रो. मुजीब अहमद अंसारी और डॉ. तनवीर हसन के मार्गदर्शन में तैयार यह प्रोजेक्ट पोर्टेबल और बेहद कम लागत वाला है। इसे उन दुर्गम खदानों, गैस रिसाव वाले क्षेत्रों या आपदा प्रभावित इलाकों में भेजा जा सकेगा, जहां इंसानों का जाना जानलेवा हो सकता है। एएमयू परिसर में हुए परीक्षणों में इस ड्रोन ने खुद को पूरी तरह विश्वसनीय साबित किया है। यूनिवर्सिटी पॉलीटेक्निक की प्रदर्शनी में जब इस ड्रोन ने उड़ान भरी, तो हर कोई दंग रह गया। सहकुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान ने छात्रों के इस नवाचार की जमकर तारीफ की। इस प्रोजेक्ट की उपयोगिता को देखते हुए इसे प्रदर्शनी में सर्वश्रेष्ठ परियोजना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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अब एआई और एडवांस सेंसर जोड़ने की योजना : छात्रों की यह टीम यहीं रुकने वाली नहीं है। आने वाले समय में वे इस ड्रोन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ज्यादा एडवांस सेंसर जोड़ने की योजना बना रहे हैं, जिससे यह और भी सटीक और स्वायत्त तरीके से काम कर सकेगा।
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