निर्धारित समय के अंदर नालों की सफाई नहीं होने से नगर आयुक्त प्रेमरंजन सिंह नाराज हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 72 घंटे के अंदर शेष बचे बड़े नालों की सफाई पोकलैंड मशीन से कराने का निर्देश दिया है। नगर आयुक्त के निर्देश के बाद अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त ने विभिन्न स्थानों पर जाकर सफाई कार्य का निरीक्षण किया।
बरसात के पहले सभी नालों की सफाई की योजना थी। नगर आयुक्त प्रेमरंजन सिंह ने 15 जून तक सभी नालों की सफाई का निर्देश दिया था। अभी कुछ नालों की सफाई नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश में मानसून की आहट को देखते हुए नगर आयुक्त प्रेमरंजन सिंह ने वर्चुअल मीटिंग कर नालों की सफाई की समीक्षा की।
निर्धारित समय तक कार्य पूरा नहीं होने पर नाराजगी जताई और 72 घंटे के अंदर शेष बचे नालों की सफाई का निर्देश दिया है। नगर आयुक्त के निर्देश के बाद अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त ने क्वार्सी बाईपास, एटा चुंगी बाईपास, कमालपुर बाईपास जाफरी ड्रेन, इगलास रोड बाईपास आदि में नालों की सफाई का निरीक्षण किया।
अपर नगर आयुक्त ने बताया कि अधिकतर नालों की सफाई हो चुकी है। कुछ शेष रह गई है, उनकी सफाई तेजी से करने का निर्देश दिया गया है। मामूली बारिश से महानगर में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। कुछ मोहल्लों में तो लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर जाता है।
नगर निगम द्वारा जल निकासी के लिए रोड मैप तैयार कर लिया गया है। सभी पार्षद वार्ड में 35 अधिकारी, 456 कर्मचारियों की 80 टीमें लगाई गई है। इसके साथ-साथ सभी नालों पर जाली की सफाई के लिए कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। महाप्रबंधक जल को सभी सीवर पंपिंग स्टेशन पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने और नियमित चलाने के निर्देश दिए गए हैं। - प्रेमरंजन सिंह, नगर आयुक्त।