तहसील परिसर में मनमाने तरीके से वाहनों की पार्किंग किए जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मंगलवार को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की कार भी वाहनों के बीच फंस गई। पुलिस ने आनन-फानन में उनकी कार को निकलवाया। इस दौरान एक कार का चालान भी किया।
तहसील परिसर में सिविल अदालत के साथ, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के भी कोर्ट है। एसडीएम और सीओ के कार्यालय के साथ उनके आवास भी हैं। अधिवक्ताओं के बिस्तर भी हैं। तहसील परिसर में लोगों का आना-जाना लगा रहता है लेकिन पार्किंग स्थल नहीं होने पर वाहन चालक अपने वाहन मनमाने तरीके से खड़ा कर अपने कार्यों में व्यस्त हो जाते हैं।
मंगलवार को दोपहर 12 बजे के करीब सिविल जज (जूनियर डिवीजन) सौरभ मंडोलिया कोर्ट से बाहर निकले तो उनकी कार भी वाहनों के बीच फंस गई। उन्होंने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कोतवाली पुलिस को अवगत कराया। आनन-फानन में मौके पर पहुंचे दरोगा रामवीर यादव ने उनकी कार को निकलवाया। पुलिस ने इस दौरान एक कार का चालान भी किया।