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Aligarh News: पाम संडे पर चर्चों में हुईं विशेष प्रार्थना सभाएं

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पाम संडे पर जुलूस में मौजूद मसीह समाज के लोग। - फोटो : samvad
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मसीही समुदाय के प्रमुख पर्व पाम संडे के अवसर पर रविवार को शहर के विभिन्न चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। श्रद्धालु प्रभु यीशु मसीह की स्मृति में भक्ति भाव से सराबोर नजर आए और ‘होसन्ना’ के भजनों का सामूहिक गायन किया।
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इस दौरान श्रद्धालुओं ने पवित्र बाइबिल का अध्ययन किया और आत्मिक गीतों की प्रस्तुति दी। कलीसियाओं में खजूर की पत्तियों से बने क्रॉस श्रद्धालुओं को वितरित किए गए।


सीएनआई घंटाघर चर्च और नकवी पार्क स्थित इंग्लिश चर्च में रैव्ह अमन अभिषेक प्रसाद ने संदेश दिया। सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च बन्नादेवी में रैव्ह डीएस यूसुफ दास और रैव्ह धारा सिंह ने प्रवचन किया। इंग्राहम मेथोडिस्ट चर्च व सीडीएफ चर्च छेरत में रैव्ह जोनाथन लाल, सिटी क्राइस्ट मेथोडिस्ट चर्च में पास्टर साइमन पी. लाल तथा एबीसी चर्च में रैव्ह हर्ष ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
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इसके अलावा द डिसाइपल मेकिंग चर्च में रैव्ह हाबिल ज्ञान, पास्टर डेनिस मसीह और पास्टर याकुब बेंजामिन, फुल गॉस्पल पेंटेकोस्टल चर्च में पास्टर बीके सिंह, अलीगढ़ विक्ट्री चर्च में पास्टर जावेश पासवान, यहोवा निस्सी एजी चर्च में रैव्ह जोबिन मैथ्यू और शालोम इंटरनेशनल मिशन चर्च में भी विशेष संदेश दिए गए।


बाइबल प्रचारक गौरव प्रभाकर ने बताया कि लगभग 2000 वर्ष पूर्व यरूशलेम में प्रभु यीशु के आगमन पर लोगों ने ‘होसन्ना’ के जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया था। श्रद्धालुओं ने उनके मार्ग में अपने वस्त्र और खजूर की पत्तियां बिछाईं थीं।
उन्होंने बताया कि पाम संडे का दिन प्रभु यीशु के अंतिम फसह (शिष्यों के साथ अंतिम भोज) और उनके क्रूस पर चढ़ाए जाने से पूर्व की घटना की स्मृति में मनाया जाता है।
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