जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती मरीज।
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पिछले दो दिनों से तापमान में अचानक वृद्धि के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। गर्मी से उल्टी-दस्त, बुखार और चेचक के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। खासकर बच्चे इन बीमारियों से ज्यादा पीड़ित हैं। जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में इस तरह की बीमारियों से पीड़ित 16 बच्चे भर्ती हैं।
जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की भीड़ लगी हुई है। शुक्रवार को जिला अस्पताल के बच्चा विभाग में मासूमों की कतार लगी रही। अधिकांश बच्चे पेट में दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार से पीड़ित हैं। डॉ. वैभव जैन ने बताया कि ओपीडी में आने वाले करीब आठ से 10 मरीजों को भर्ती कराया गया है। गर्मी के कारण पानी और खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया का संक्रमण आसानी से फैल रहा है, जिससे बच्चों में डायरिया के साथ अन्य समस्याएं भी बढ़ रही हैं।
गर्मी में बच्चों को घर के अंदर रखें, उबला हुआ पानी पिलाएं।
ताजा और हल्का भोजन दें तथा बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न दें।
बच्चे को उल्टी-दस्त या बुखार हो, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाएं।
बच्चों को बासी भोजन न दें। धूप से बच्चों को बचाएं
भीषण गर्मी में बच्चों को निर्जलीकरण का खतरा सबसे अधिक होता है। असंतुलित आहार, गर्मी में बाहर का खाना खाने और साफ पानी न पीने से यह समस्या बढ़ रही है। इस कारण बच्चे बीमार पड़ रहे है। डायरिया के साथ बुखार व चेचक के मरीज आ रहे हैं।
-डॉ. वैभव जैन, बाल रोग विशेषज्ञ