महानगर के बन्नादेवी क्षेत्र की नलकूप कालोनी में 9 साल की मासूम की हत्या क्यों और किसने की? पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस सवाल को लेकर पुलिस उलझ गई है। पुलिस का शक परिवार और करीबियों पर ही गहरा रहा है। हालांकि अभी परिवार इन तथ्यों पर कुछ बता नहीं पा रहा है। पुलिस रिश्तेदार व पड़ोसियों से पूछताछ करा रही है।
नलकूप कॉलोनी में में एक सिंचाई अफसर के घर में सर्वेंट क्वार्टर में रहने वाले सुभाष चंद्र व उसकी पत्नी ज्योति शनिवार दोपहर किराये पर मकान देखने मैलरोज बाईपास गए थे। उस दिन पिता ने बताया कि बच्ची जहान्वी ने जाने की जिद की थी। मगर वे उसे नहीं ले गए। इस दौरान बच्ची घर में अकेली रह गई, जबकि बड़ा बेटा बाहर खेल रहा था। तभी जहानवी ने दरवाजा अंदर से बंद करके फांसी लगा ली।
इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। मगर रविवार को तीन डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया तो बच्ची की मौत गर्दन की साइड से गला दबने से होना पाया गया। साथ ही मामले की स्लाइड बनाकर फॉरेंसिक लैब भेजी गई है। इस तरह हत्या की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर पुलिस सवालों में उलझ गई है। नए सिरे से जांच की जा रही है। परिवार पर ही पुलिस का शक गहरा रहा है। उसके पीछे तर्क यही है कि पहले दिन परिवार ने झूठ क्यों बोला और शव उतारने के बाद ही सूचना क्यों दी। इसी कड़ी में परिवार, पड़ोसी व रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है।
-बच्ची की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या होना बताया गया है। मगर परिवार ने आत्महत्या की सूचना दी थी। इसलिए परिवार पर ही ज्यादा शक है। मामले में गहराई से जांच कराई जा रही है जो सामने आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
-मुनिराज जी, एसएसपी