सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक प्रसूता के परिजनों ने बच्चा बदलने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि महिला को लड़का हुआ था, उसकी जगह लड़की दे दी गई। इस संबंध में थाने पर तहरीर दी गई है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई है। दो ही प्रसव हुए, उनमें दोनों में लड़की पैदा हुई थी।
गांव मुरवार निवासी मुनेश देवी पत्नी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि उनकी पुत्रवधू ज्योति पत्नी सुखराम को सीएचसी में 4 मार्च की शाम करीब सात बजे प्रसव हुआ। स्टाफ ने पुत्र के जन्म लेने की सूचना दी, उन्होंने स्टाफ को शगुन भी दिया। अगले दिन बच्चा लेकर घर पहुंचे तो वह लड़का न होकर लड़की निकली। आरोप लगाया कि अस्पताल के स्टाफ ने ही बच्चा बदल दिया।
6 मार्च को शिकायत करने सीएचसी पहुंचे तो महिला चिकित्सक ने गाली-गलौज करते हुए भगा दिया। 7 मार्च को परिवार के लोगों के साथ थाने पहुंचकर उन्होंने तहरीर दी। सीएचसी सीएचसी अधीक्षक डॉ. नितिन अडाना का कहना है कि ऐसा होना संभव नहीं है, फिर भी इसकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि 4 मार्च को मुनेश देवी प्रसव के लिए सीएचसी में अकेली महिला थी। शाम में ही प्रसव हुआ। उसी रात साढ़े 12 बजे एक अन्य महिला प्रसव के लिए सीएचसी पहुंची। दोनों ही महिलाओं के लड़की हुई। प्रसव के दो दिन बाद बच्चा बदलने की तहरीर दी गई है।
तीन दिन महिला सीएचसी पर भर्ती रही, दाई ने उसे गलत सूचना दे दी, जिससे गलतफहमी हुई। उस समय तक महिला को प्रसव भी नहीं हुआ था। जिस समय प्रसव हुआ, उस समय कोई दूसरी महिला भर्ती नहीं थी। फिर भी तहरीर की जांच की जा रही है।
-अमृत जैन, एसपी देहात