सामूहिक विवाह में वर-वधू को आशीर्वाद देते अधिकारी और जनप्रतिनिधि
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 28 जनवरी को 350 जोड़े एक-दूजे के हुए। जिनमें 30 जोड़ों का निकाह संपन्न हुआ। जिला प्रशासन ने रामघाट रोड ताला नगरी में एक मैरिज होम में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया। शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना व दीप जलाकर किया।
एक ही मंडप में जहां पुरोहित ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विवाह संपन्न कराया तो दूसरी ओर मौलाना ने कुरान की आयतों के जरिए निकाह पढ़वाया। जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल ने बताया कि 320 जोड़ों का विवाह कराया गया है। 30 जोड़ों का निकाह सम्पन्न हुआ है। सरकार द्वारा प्रति जोड़े पर 51 हजार रुपये का व्यय किया गया है। जिसमें 35 हजार रुपये खाते में, 10 हजार रुपये का आवश्यक सामान व 6000 रुपये विवाह समारोह के आयोजन में व्यय किए गए है।
सीडीओ आकांक्षा राना ने बताया कि योजना की पारदर्शिता के लिए इस बार ऑनलाइन आवेदन कराए गए हैं और उनका विभागीय अधिकारियों बीडीओ, एडीओ द्वारा भौतिक सत्यापन भी किया गया है। इस अवसर पर जिला व विकास खंड स्तरीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे ।
दूल्हे हुए गायब, इंतजार करती रहीं दुल्हन
सामूहिक विवाह समारोह में एक ऐसा भी मामला आया कि दुल्हन दूल्हे का इंतजार करती रहीं, लेकिन दूल्हा आया ही नहीं। कस्बा जलाली की रानी समारोह में हाथों में मेहंदी लगाए पूरे समय तक बैठी रहीं, लेकिन दूल्हा नहीं पहुंचा। शाम को रानी परिजन निराश होकर घर चले गए। इसी तरह छर्रा निवासी कृष्णा का दूल्हा कुलदीप निवासी शिकारपुर, बुलंदशहर तय समय तक समारोह स्थल पर नहीं पहुंच सका। कृष्णा भी सात फेरों की रस्म पूरी नहीं कर सकी। पता चला कि एक दूल्हा किसी बात पर नाराज होकर समारोह से चला गया था। यह प्रकरण समारोह में चर्चा का विषय बना रहा।