मुख्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी ने सोमवार को राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव एवं मंडलायुक्त अजय दीप सिंह के साथ कमिश्नरी सभागार में अलीगढ़ के 12 हजार जन सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों की क्लास ली। उन्होंने सभी को अधिनियम की बारीकियों की जानकारी देते हुए अधिकार व कर्तव्य समझाए। स्पष्ट कहा कि लीगल मामलों को छोड़कर अन्य सभी मामलों में सूचना दी जा सकती है।
मुख्य सूचना आयुक्त उस्मानी ने बताया कि सूचना का अधिकार विश्व में सबसे पहले 1766 में स्वीडन में लागू हुआ। वर्तमान में यह 98 देशों में लागू है। देश में यह एक्ट 2005 में लागू हुआ। एक्ट की बारीकियों की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण का प्रथम चरण जनवरी 2016 से आरंभ हुआ। अब दूसरे चरण में 12 हजार जन सूचना व प्रथम अपीलीय अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। अलीगढ़ मंडल में प्रशिक्षण शुरू हो गया है। आठ मई को हाथरस, नौ मई को कासगंज तथा 10 मई को जनपद एटा में प्रशिक्षण होगा।
उन्होंने कहा कि अधिनियम में केवल लीगल आधार जैसे जन सूचना अधिकारी को परेशान करने की नियत से अनावश्यक सूचनाएं मांगने या ऐसी वृहद सूचना प्राप्त करने के आवेदन दिए गये हों, जिसमें 30 दिन से अधिक का समय एकत्र करने में कार्यालय का कार्य ठप हो जाए, मांगी गई सूचना नियंत्रणाधीन न होने, अपठनीय एवं 500 शब्दों से अधिक होने पर भी आवेदन पर निरस्त किया जा सकता है।
राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव ने आरटीआई के तहत लोक प्राधिकरण, केंद्र, राज्य सरकार के अधीन संस्थान डीम्ड यूनिवर्सिटी तथा सरकार से सहायता ले रहे एनजीओ आदि इसके दायरे में आते हैं। सूचना के अधिकार के तहत निर्धारित प्रारूप-2 पर सूचनाएं मांगने के साथ-साथ कोई भी व्यक्ति सादा कागज पर 10 रुपये का पोस्टल आर्डर, बैंक ड्राफ्ट या कैश के साथ दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आवेदन पत्र पठनीय एवं 500 शब्दों तक ग्रहणीय होगा। उन्होंने कहा कि आवेदन नामंजूर करने पर सूचना देते समय स्पष्ट कारणों का उल्लेख करना होगा। निर्धारित अवधि में सूचना न देने पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। मंडलायुक्तअजय दीप सिंह ने कहा कि अफसर मांगी गई सूचनाओं में वही सूचना उपलब्ध कराएं जो उनकी पत्रावली में उपलब्ध है।
यदि आपसे अन्य विभाग से संबंधित सूचना मांगी गई है तो उस आवेदन पत्र को 5 दिन के अंदर संबंधित विभाग को प्रेषित करते हुए शिकायतकर्ता को भी सूचित किया जाए।
मुख्य सूचना आयुक्त ने देखी कोल तहसील
मुख्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी ने जन सूचना एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के बाद जिले की पहली आईएसओ प्रमाणपत्र प्राप्त कोल तहसील का निरीक्षण किया। इसका प्रस्ताव उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान ही एसडीएम कोल को दिया था। तहसील पहुंचकर उन्होंने रिकार्ड रूम से लेकर सभी न्यायालय एवं कार्यालयों का रखरखाव, वहां मौजूद जन सुविधाओं मसलन आरओ वाटर प्लांट, शेड, बैठने की व्यवस्था, अभिलेखों के रखरखाव की व्यवस्था समेत अन्य इंतजाम देखे। एसडीएम कोल डॉ. पंकज वर्मा ने बताया कि आयुक्त आईएसओ सर्टिफिकेट प्राप्त प्रदेश की दूसरी कोल तहसील देखने के प्रति उत्सुक थे ।