अलीगढ़ नगर निगम में सफाई व्यवस्था के लिए निकाले गए टेंडर बार-बार निरस्त करने के मामले में शासन स्तर से कार्रवाई हुई है। जांच में नगर निगम अलीगढ़ के पूर्व मुख्य अभियंता अजय कुमार राम दोषी पाए गए हैं। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने उन्हें निलंबित कर दिया है। वर्तमान में वह आगरा के संपत्ति कर विभाग में मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत हैं।
करीब डेढ़ साल पहले वाराणसी से स्थानांतरित होकर अलीगढ़ आए अजय कुमार राम की नगर निगम में तैनाती हुई थी। वे नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर थे। उनके द्वारा नगर निगम के जोन-2 और जोन-4 में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए साल भर निविदा निकाली गईं थीं, लेकिन इसे फाइनल नहीं किया गया। पूरे कार्यकाल में करीब छह बार निविदा को बिना किसी गंभीर कारण के निरस्त किया गया।
शासन में शिकायत के बाद इसकी जांच शुरू हो गई। इस दौरान उनका स्थानांतरण आगरा नगर निगम कर दिया गया। अलीगढ़ से नगर आयुक्त ने 14 नवंबर को मुख्य अभियंता अजय कुमार राम को रिलीव भी कर दिया था। जांच में सतही आधार पर कई बार निविदा निरस्त करने और उसकी शर्तों में बार-बार परिवर्तन करने व कार्यों के संबंध में अनुभव की अनावश्यक मांग को निलंबन का कारण माना गया है। जो निविदा की शर्ताें में नहीं था। निविदा निरस्त करने से दोनों जोन का सफाई कार्य प्रभावित हुआ। इस कारण शासन ने मुख्य अभियंता अजय कुमार राम को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में अजय कुमार राम को निदेशक नगर निकाय लखनऊ के कार्यालय से सम्बद्ध किया गया है।
मुख्यअभियंता अजय कुमार राम अलीगढ़ में तैनात थे। इनका स्थानांतरण आगरा हो गया था। 14 नवंबर को उन्हें रिलीव कर दिया गया था। इनके खिलाफ चल रही जांच के संबंध में कुछ अभिलेख मांगे गए थे, जो शासन को भेज दिए गए थे। शासन स्तर से उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई है।-विनोद कुमार नगर आयुक्त, नगर निगम अलीगढ़।