वक्फ बोर्ड से किरायानामा बनवाकर करीब 72 करोड़ रुपये की 14 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाया गया छर्रा बस अड्डा मंगलवार को ध्वस्त हो गया। प्रशासन एवं नगर निगम के बुलडोजरों ने बस अड्डे का अस्थाई भवन, बाउंड्रीवाल एवं अन्य निर्माण ध्वस्त कर दिये। अतिक्रमण कर बनाया गये एक वर्षों पुराने पेट्रोल पंप का भवन ढहा दिया गया और मशीनें सील कर दी गईं। आसपास के खोखे एवं अन्य अस्थाई निर्माण भी ढहा दिये गए। इस दौरान अतिक्रमणकारियों ने महिलाओं को आगे कर कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की। महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। लेकिन बाद में उन्हें समझाबुझा कर मामला शांत करा दिया गया।
शहर के वर्षों पुराना छर्रा अड्डा मंगलवार को अतीत बन गया। वक्फ बोर्ड की 580 स्क्वायर मीटर भूमि का किरायानामा लेकर वर्ष 1990 में सरकारी जेए की बेशकीमती 14 बीघा सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर बनाए गए इस बस अड्डे को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह की अगुवाई में तोड़ दिया गया। दोपहर दो बजे के करीब कार्रवाई को पहुंची टीम को बस अड्डे के अस्थाई दोमंजिला भवन, बाउंड्रीवाल के साथ सरकारी भूमि पर बने मैसर्स अलीगढ़ आटो सर्विस सेंटर नाम के पेट्रोल पंप एवं आसपास के दर्जनों खोखे एवं अस्थाई दुकानें तोड़ने में पांच घंटे का समय लगा। पेट्रोल पंप की दोनों मशीनों पर डीएसओ ने सील लगा दी।
मौके पर मौजूद हिंदुस्तान पेट्रोलियम के एक सेल्स अफसर ने न्यायालय के आदेश का हवाला देकर कार्रवाई रुकवाने की कोशिश की गई तो उन्हें डीएसओ के सामने उपस्थित होकर दलील देने की सलाह दे दी गई। इस दौरान एक मिष्ठान्न विक्रेता के उकसाने पर कुछ महिलाओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। वह प्रशासन पर गरीबों को उजाड़ने का आरोप लगा रही थी। बताया यह भी जा रहा था कि वह पास के एक धर्मस्थल को न तोड़े जाने से नाराज थी। महिला पुलिस की मदद से उन्हें समझाबुझा कर शांत करा दिया गया।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जोगिंदर सिंह ने बताया कि मुक्त करायी गई छर्रा अड्डे, पेट्रोल पंप एवं अस्थाई निर्माण की जमीन 14 बीघा थी और इसकी कीमत 72 करोड़ के आसपास है। उन्होंने बताया कि अवैध रूप से बने दस-बारह मकानों को फिलहाल नहीं तोड़ा गया है, इन्हें 122 बी धारा में मुकदमा चलवाकर तुड़वा दिया जाएगा। कुछ लोगों द्वारा मामले को धार्मिक रंग देने की कोशिशों को देखते हुए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भी मौके पर बुला लिया गया।
वर्ष 1957 से चल रहा था सरकारी भूमि पर पेट्रोल पंप
प्रशासन व नगर निगम की टीमों द्वारा ढहाया गया मैसर्स अलीगढ़ आटो सर्विस स्टेशन पेट्रोल पंप करीब 61 वर्ष पुराना है। यह पंप हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सहयोग से वर्ष 1957 में स्थापित किया गया था। सरकारी भूमि पर बने छर्रा बस अड्डे एवं आसपास की भूमि की पैमाइश हुई तो यह पंप भी कार्रवाई की जद में आ गया।
बस अड्डे वाली जगह पर लगा नगर निगम का बोर्ड
जहां कल तक छर्रा अड्डे का बोर्ड लगा था। कार्रवाई के बाद उसे हटाकर नगर निगम का बोर्ड लगा दिया गया। इसके साथ ही अतिक्रमण कर बनाया गया छर्रा अड्डा, जहां से छर्रा व गंगीरी के लिए बसें चलती थी, अतीत बनकर रह गया।
अतरौली अड्डे से भी बसें हटाकर कराया खाली
प्राइवेट बस अड्डों पर आफत बनकर टूट रहे प्रशासनिक अफसरों ने मंगलवार को छर्रा अड्डे के साथ ही महानगर के वर्षों पुराने अतरौली अड्डे को भी साफ करा दिया। यहां खड़ी सभी प्राइवेट बसें हटवा दी गई।