अलीगढ़ में एआई से आवाज बदल साइबर ठगी का पहला मामला आया है। एआई तकनीक से बेटे की आवाज बनाकर पिता को ठग ने फोन किया। बाप को बेटे के दुष्कर्म के मामले में फंसा बताया और छोड़ने के बदले चार लाख रुपये ठग लिए। बाप ने जब घर जाकर देखा, तो उसका बेटा घर पर था। मामले में जांच शुरू हो गई है।
आर्टीफिशियल इंटेलीजेंसी (एआई) की मदद से अलीगढ़ शहर में साइबर ठगी का पहला मामला सामने आया है। एक व्यापारी को कॉल कर उसके बेटे की आवाज में बात कराई। बेटे को दुष्कर्म के मामले में फंसा बताया और पुलिस अफसर बनकर बेटे को छोड़ने के नाम पर चार लाख रुपये ऐंठ लिए। हैरानी की बात कि बेटा घर में ही मौजूद था। सच उजागर हुआ तो व्यापारी दंग रह गए और पुलिस के पास मदद के लिए पहुंचे। पुलिस ने साइबर टीम की मदद से एक ट्रांजेक्शन तो रुकवा दिया है। बाकी की जांच चल रही है।
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घटनाक्रम के अनुसार क्वार्सी इलाके के देवी सिंह के पास 30 जनवरी को वॉट्सएप कॉल आई। उधर से वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति वर्दी पहनकर खुद को पुलिस वाला बताते हुए बात कर रहा था। कहा था कि उनका बेटा दुष्कर्म के मामले में पकड़ा गया है। जेल भेजने की तैयारी है। फिर ऑडियो कॉल के जरिये उसी नंबर से बेटे की आवाज में एआई की मदद से बात कराई। बेटे ने कहा कि पापा मुझे बचा लो।
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यह सुनकर देवी सिंह टूट गए और हैकरों की बात मानकर चार लाख रुपये ऑनलाइन देने को तैयार हो गए। उन्होंने बेटे की आवाज सुनकर रुपये ट्रांसफर भी कर दिए। इस दौरान जिस नंबर का प्रयोग किया गया वह इंटरनेशनल कॉलिंग वाला नंबर था। रुपये जाने के बाद जब उन्हें होश आया तो समझ में आया कि वे ठगे गए हैं, क्योंकि बेटा घर में ही मौजूद था। इस पर वे थाने गए। वहां साइबर संबंधी शिकायत की।
शिकायत के आधार पर इस मामले में 86 हजार रुपये का एक ट्रांजक्शन तो रुकवा करा दिया गया। मगर बाकी रकम को लेकर अभी जांच जारी है। इस मामले में सीओ तृतीय अमृत जैन ने बताया कि साइबर हैकरों ने वॉट्सएप कॉल से यह ठगी की है। जिसमें बेटे की आवाज एआई के जरिए बनाकर ठगा गया है। कुछ रकम रुकवा करा दी गई है। उन्होंने लोगों से इस तरह की कॉल से बचने व सचेत रहने की अपील की है। बता दें कि साइबर ठगी में एआई के जरिये ठगी का यह पहला मामला जिले में पुलिस के पास पहुंचा है।