स्टॉल लगाकर शहद बेचतीं सरोज देवी।
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उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अतरौली क्षेत्र के गांव बहराबद की सरोज देवी ने स्वरोजगार की मिसाल पेश की है। वर्ष 2019 में तीन महिलाओं के साथ शुरू किया गया मधुमक्खी पालन का छोटा प्रयास आज सफल उद्यम बन चुका है।
उनके समूह द्वारा तैयार शुद्ध शहद स्थानीय बाजार के साथ विभिन्न कंपनियों तक पहुंच रहा है। सरोज देवी ने बताया कि स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 1.50 लाख रुपये का ऋण लेकर उन्होंने मधुमक्खी पालन शुरू किया। उनके साथ गायत्री देवी, नेहा वर्मा समेत अन्य महिलाएं भी इस कार्य से जुड़ी हैं और सामूहिक रूप से शहद उत्पादन कर रही हैं।
लगन, मेहनत और समूह के सहयोग से व्यवसाय लगातार बढ़ा है। वर्तमान में सरोज देवी मधुमक्खी पालन से प्रतिवर्ष करीब दो लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं।
सरोज देवी का कहना है कि स्वयं सहायता समूह ने उन्हें आत्मविश्वास, रोजगार और नई पहचान दी है। उनकी सफलता क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा है कि संकल्प, मेहनत और सामूहिक प्रयास से स्वरोजगार के जरिये आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है।