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अलीगढ़ : फर्जी चरित्र प्रमाण पत्रों से ठेका पाने वाले नौ शराब माफिया पर चार्जशीट

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जहरीली शराब कांड में फंसे नौ शराब माफिया पर बिना सत्यापित चरित्र प्रमाण पत्रों (कूटरचित/फर्जी) की छाया प्रति लगाकर शराब ठेके लेने के मुकदमे में भी चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। इस कांड में दर्ज यह इकलौता मुकदमा है, जिसमें सबसे देरी से चार्जशीट दाखिल की गई है। वजह है कि इसमें एक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी और वह हाल ही में हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत आदेश ले आया था। उस जमानत आदेश की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद पुलिस ने दो दिन पहले चार्जशीट दाखिल कर दी है। बता दें कि इस मुकदमे में फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के सहारे अनुचित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से आपराधिक षड्यंत्र माना गया है।
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यह मुकदमा अगस्त 2021 में सिविल लाइंस थाने के तत्कालीन अपर प्रभारी निरीक्षक वीपी गिरी की ओर से दर्ज कराया गया था, जिसमें लोधा के करसुआ स्थित ठेके के लाइसेंसी दिगपाल सिंह, सासनीगेट के मथुरा बाईपास कृष्णाधाम निवासी लोधा ठेके के दूसरे लाइसेंसी गंगा सहाय, अन्य लाइसेंसी जवां के पंडित वाली गली निवासी ममता शर्मा पत्नी मुनीष कुमार शर्मा, सिकंदरपुर जवां निवासी ऋषि कुमार शर्मा, दिल्ली के दक्षिण पश्चिम महीपालपुर निवासी सतपाल सिंह, अतरौली के चौमुंहा निवासी बनवारी लाल, खैर के गांधी मार्केट निवासी शरद प्रताप सिंह, विजय प्रताप सिंह, हरदुआगंज के सीयपुर मोरथल निवासी जयप्रकाश सिंह आरोपी हैं।
मुकदमे में आरोप है कि सभी ने जनवरी 2021 तक के शराब ठेकों के आवेदन में जो चरित्र प्रमाण पत्र लगाए किए, वे छाया प्रति थे और सत्यापित नहीं थे। इससे फर्जी व कूट रचित दस्तावेजों का प्रयोग अनुचित लाभ के उद्देश्य से किया जाना गया है। इसी तरह हैसियत प्रमाण पत्र आदि प्रमाण पत्रों का भी प्रयोग किया गया है। सिविल लाइंस में दर्ज इस मुकदमे की विवेचना बन्नादेवी पुलिस द्वारा की गई, जिसमें जय प्रकाश को छोड़कर सभी आरोपी जेल गए थे, जिनके खिलाफ चार्जशीट पूर्व में ही दे दी गई। जयप्रकाश लंबे समय तक फरार रहने के बाद अब हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत आदेश ले आए। इस पर उनकी अग्रिम जमानत की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद चार्जशीट दायर कर दी गई है।
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आबकारी से मिले 40 ठेकेदारों के दस्तावेज
मई में हुए जहरीली शराब कांड में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने आबकारी से ठेकेदारों का ब्योरा मांगा था, जिस पर आरोपी बने 40 ठेकेदारों के दस्तावेज आबकारी विभाग ने पुलिस को दिए। जिनकी जांच में 9 ठेकेदार ऐसे पाए गए, जिनके दस्तावेज सत्यापित नहीं थे। उसी आधार पर यह मुकदमा दर्ज किया गया था।
- फर्जी प्रपत्रों से शराब ठेके लेने वाले नौ ठेकेदारों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में कुछ पार्ट की चार्जशीट पूर्व में दे दी गई थी। एक आरोपी फरार था, मगर उसके संबंध में न्यायालय का आदेश आने के बाद अब शेष चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई है।
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-श्वेताभ पांडेय, सीओ तृतीय
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