कार्यकर्ताओं को संबोधित करते चंद्रशेखर आजाद।
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अलीगढ़ से रवाना होने से पहले रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे आजाद समाज पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने जेएन मेडिकल कॉलेज के गेट के सामने खड़ी भीड़ को कार पर खड़े होकर संबोधित कर उनमें खुद की सुरक्षा के लिए लड़ाई लड़ने का जोश भरा और कहा, जिस तरह यूपी में कार पलटा दी जाती है, उसी तरह मेरी बस का टायर पंचर हुआ। फिर भी 60 किमी बाइक पर चलकर अपनी बहन व परिवार की खातिर आपके बीच आया हूं। जरूरत पड़ी और प्रशासन ने बात नहीं मानी तो हम फिर आएंगे।
उन्होंने कहा कि हाथरस के चंदपा में अनुसूचित जाति की बेटी से दुष्कर्म करने वाले अपराधियों पर रासुका लगाई जाए। धमकी भरे लहजे में चंद्रशेखर ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर प्रशासन हीलाहवाली करेगा तो वह दो अप्रैल की तरह देश बंद करना भी जानते हैं। चंद्रशेखर आजाद, आजाद है। अगर वह खुद न चाहे तो उन्हें गिरफ्तार करना आसान नहीं है। प्रशासन से कहा कि उन्हें जेल ले जाएं। इसी बहाने अलीगढ़ की जेल भी देख लेंगे।
उन्होंने कहा पीड़िता को एक करोड़ रुपये व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। जब सड़क पर चलने वाले को पुलिस द्वारा गोली मारने पर नौकरी दी जाती, तो ऐसे घिनौने कृत्य की शिकार बेटी के साथ नाइंसाफी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि उत्तर प्रदेश शासन व प्रशासन यह बताए कि जेएन मेडिकल कॉलेज से बेहतर दुष्कर्म पीड़िता का इलाज कहीं नहीं हो सकता था। उसे मजबूरी में रखा गया है, क्योंकि अगर उसका इलाज दिल्ली में होगा तो मामला बढ़ेगा और पूरी दुनिया को पता लगेगा। शनिवार को आखिरी अभियुक्त की गिरफ्तारी हुई है। यह उप्र पुलिस की सच्चाई है। हर जगह उन्हें रोका गया। गुंडाराज चल रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार बनी तो अपराधियों को संरक्षण देने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। चंद्रशेखर ने कहा कि यूपी में जिस तरह कार पलटा दी जाती और एनकाउंटर हो जाता है। उसी तरह मेरी बस का टायर पंचर करा दिया गया। संयोग से आपके बीच में हूं।