एबीके यूनियन ब्यॉज में शिक्षक राव दानिश अली की एएमयू लाइब्रेरी कैंटीन परिसर में गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई थी। दानिश की मां एएमयू में शिक्षिका रही हैं। पिता एएमयू कर्मी रहे हैं, जबकि ससुर मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा से विधायक रहे हैं।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षक दानिश की हत्या के बाद परिसर में सुरक्षा का मुद्दा लगातार तूल पकड़ रहा है। इसे लेकर हरकत में आई इंतजामिया ने परिसर में खराब सीसीटीवी सही कराना शुरू कर दिया है। साथ में वायरिंग भी बदली जा रही है। इधर, रविवार को पूर्व छात्रों ने एक बैठक कर सुरक्षा पहलु पर चर्चा कर कुछ मांगें इंतजामिया के समक्ष रखी हैं।
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एएमयू परिसर में शिक्षक की हत्या के बाद जांच में जुटी पुलिस को 56 करीब सीसीटीवी बंद मिले। यह मुद्दा 27 दिसंबर को एसएसपी ने कुलपति के समक्ष भी रखा। इसके बाद 28 दिसंबर को परिसर के सीसीटीवी सही होना शुरू हो गए।
इधर, 28 दिसंबर को पूर्व छात्रों ने परिसर में एक मीटिंग की, जिसमें सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा करते हुए कहा कि यहां सीसीटीवी के साथ-साथ वाकी टॉकी सिस्टम लागू कराने की मांग रखी। साथ में यह भी कहा कि एएमयू में प्रवेश करने के लिए वाहनों पर फास्टेग की तरह कोई कार्ड सिस्टम लागू किया जाए। ताकि आने वाले वाहनों का पूरा विवरण सीसीटीवी में दर्ज हो। इसके अलावा सुरक्षा संबंधी अन्य तमाम पहलुओं पर चर्चा हुई।
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हत्या में पुराने विवादों में कड़ियां जोड़ रही पुलिस
एएमयू के एबीके बॉयज स्कूल के कंप्यूटर शिक्षक राव दानिश अली (45) की हत्या में पुलिस अभी बेनतीजा है। अब तक जो पुराने विवाद सामने आए हैं, उनमें कड़ियां जोड़ी जा रही है। इसी क्रम में लगातार लोगों से पूछताछ की जा रही है।
बता दें कि मूल रूप से बुलंदशहर डिबाई हाल अमीर निशा सिविल लाइंस निवासी राव दानिश अली की बुधवार देर शाम एएमयू लाइब्रेरी कैंटीन परिसर में गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई थी। दानिश की मां एएमयू में शिक्षिका रही हैं। पिता एएमयू कर्मी रहे हैं, जबकि ससुर मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा से विधायक रहे हैं। इस हत्या में पुलिस की अब तक की जांच में जो विवाद सामने आए हैं। उनमें यूनियन स्कूल के पास एक नाबालिग छात्र से विवाद, एक ठेकेदार से विवाद, कुछ पुराने छात्र जीवन से जुड़े अपराधियों से जुड़े विवाद हैं। इसके अलावा एक दंपती विवाद में युवक के साथ खड़े होकर उसकी मदद का विवाद सामने आया है। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक इतना ही बताते हैं कि हमारी जांच व अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास जारी है।